नवाबगंज/फर्रुखाबाद।
नगर में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के पुलिस के दावे के बीच चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। मुख्य चौराहे से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर मोहम्मदाबाद मार्ग स्थित आटा चक्की की दुकान के बाहर रखे परचून के खोखे को सोमवार रात चोरों ने निशाना बना लिया। ताला तोड़कर चोर सामान और गोलक में रखी हजारों रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी कारोबारी की दुकान पर चोरी की यह तीसरी घटना है। लगातार वारदातों के बावजूद खुलासा न होने से पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंगलवार सुबह कारोबारी राकेश कुमार दुकान पर पहुंचे तो खोखे का ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और गोलक से नकदी भी गायब थी। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने यूपी-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पीड़ित ने नवाबगंज थाने में लिखित तहरीर देकर चोरों के खिलाफ कार्रवाई और घटना के जल्द खुलासे की मांग की है।
पहले बांट, फिर आटे का बोरा और अब नकदी-सामान
बताया गया कि राकेश कुमार की दुकान को इससे पहले भी चोर दो बार निशाना बना चुके हैं। 10 जून की रात चोर दुकान का ताला तोड़कर करीब 20 किलो वजन का लोहे का बांट चोरी कर ले गए थे। मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस करीब 15 दिन बाद जांच के लिए पहुंची, लेकिन घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका।
इसके बाद 15 अगस्त की रात चोरों ने दुकान की दीवार से ईंटें निकालकर अंदर प्रवेश किया और आटे का बोरा चोरी कर लिया। दो घटनाओं के बाद भी चोरों के हौसले नहीं टूटे। सोमवार रात उन्होंने फिर धावा बोलकर खोखे का ताला तोड़ दिया और नकदी समेत सामान साफ कर दिया।
एक ही दुकान बार-बार बनी निशाना
एक ही कारोबारी को लगातार तीसरी बार निशाना बनाए जाने से आसपास के दुकानदारों में भी दहशत का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि मुख्य चौराहे के आसपास भी चोरी की घटनाएं लगातार होती रहेंगी तो रात के समय दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि चोर बेखौफ होकर वारदात कर रहे हैं और पुलिस के सामने चुनौती बढ़ती जा रही है। अब देखना यह है कि तीसरी चोरी के बाद पुलिस कब तक आरोपियों तक पहुंच पाती है और पुरानी घटनाओं का भी खुलासा हो पाता है।
अब सवाल यही है—एक ही कारोबारी की दुकान को बार-बार निशाना बनाने वाले चोरों पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी?

