अमृतपुर /फर्रुखाबाद।
तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम बली पट्टी रानी गांव निवासी अनशनकारी श्याम बिहारी अवस्थी ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर फतेहगढ़ पहुंचकर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन एवं प्रमुख सचिव गृह को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन जिलाधिकारी फर्रुखाबाद के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया है।
ज्ञापन में अवस्थी ने तहसील अमृतपुर में आने वाले फरियादियों की शिकायतों के शासनादेश के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने शिकायतों से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गायब होने, आईजीआरएस नंबर दर्ज नहीं किए जाने तथा जनता दर्शन एवं संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के तथ्यहीन अथवा फर्जी निस्तारण का भी उल्लेख किया है।
अनशनकारी ने दो सूत्रीय मांगों में पहली मांग के रूप में तहसील अमृतपुर में आने वाले सभी फरियादियों की शिकायतों का शासनादेश के अनुरूप गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है।
दूसरी मांग में उन्होंने राजभवन, लोकभवन सहित प्रादेशिक एवं मंडलीय कार्यालयों से विभिन्न विभागीय अधिकारियों को भेजे गए निर्देश पत्रों पर लगाई गई जांच आख्या को सही साबित किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच आख्या सही साबित नहीं होती है तो पूर्व में लगाई गई सभी आख्या शून्य घोषित कर संबंधित प्रार्थना पत्रों को निर्देश पत्रों सहित मूल रूप में वापस किया जाए।
ज्ञापन में दोनों मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में प्रस्तावित अथवा अपेक्षित न्यायसंगत कार्रवाई की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
अवस्थी ने बताया कि प्रथम एवं द्वितीय चरण को मिलाकर उनका अनशन लगातार जारी है और शुक्रवार को अनशन का 33वां दिन रहा। उन्होंने लंबे समय से चल रही भूखहड़ताल के कारण होने वाली शारीरिक, आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक क्षति का उल्लेख करते हुए भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित किए जाने की बात भी ज्ञापन में कही है।

