फर्रुखाबाद।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में संचालित कक्षाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं विद्यार्थियों को अध्यापन कराया और पढ़ाई की गुणवत्ता के साथ उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों को भी परखा।
मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई की प्रगति, अध्ययन की रणनीति और भविष्य के लक्ष्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किस प्रकार कर रहे हैं और किन विषयों में उन्हें अधिक कठिनाई महसूस हो रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित और योजनाबद्ध अध्ययन के साथ प्रभावी नोट्स मेकिंग तथा उत्तर लेखन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल विषय का ज्ञान होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्धारित समय में सटीक, तार्किक और प्रभावी उत्तर लिखने का निरंतर अभ्यास भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
NEET-JEE छात्रों से पूछे कॉन्सेप्ट, परखी तैयारी
NEET और JEE की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से मुख्य विकास अधिकारी ने विषयवार कॉन्सेप्ट की समझ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी तैयारी का लगातार मूल्यांकन करते रहें। इसके लिए विगत वर्षों के प्रश्नपत्रों को नियमित रूप से हल करने, प्रश्नों के पैटर्न को समझने तथा अपनी कमजोरियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी लंबी प्रक्रिया है, जिसमें निरंतरता, अनुशासन और आत्ममूल्यांकन बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट रहते हुए प्रतिदिन निर्धारित समय के अनुसार अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों ने साझा कीं अपनी जरूरतें और अनुभव
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी अध्ययन संबंधी आवश्यकताओं, तैयारियों और अनुभवों को मुख्य विकास अधिकारी के साथ साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर तैयारी के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासित और लगातार किए गए प्रयासों से हासिल होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन के साथ पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत इस प्रकार विद्यार्थियों को सीधे अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला।

