कायमगंज/फर्रुखाबाद।
कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के ग्राम रसीदाबाद बल्लभ में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल से घर लौट रही करीब छह वर्षीय मासूम सौम्या पुत्री पवन अचानक करीब 60 फीट गहरे सूखे और संकरे कुएं में जा गिरी। बच्ची के कुएं में गिरने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी कायमगंज, उपजिलाधिकारी, थाना प्रभारी कायमगंज पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गहराई और कुएं के संकरे होने के कारण बच्ची को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था। बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन हर पल बच्ची की जिंदगी पर भारी पड़ रहा था।
इसी बीच आरक्षी 349 मनोज कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना रस्सी के सहारे करीब 60 फीट गहरे कुएं में उतरने का फैसला किया। बेहद संकरे कुएं में उतरकर आरक्षी ने मासूम तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्ची के बाहर आते ही परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
पुलिसकर्मी की इस बहादुरी और तत्परता की मौके पर मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। आरक्षी मनोज कुमार की सूझबूझ और साहस के चलते बच्ची को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इसके बाद मासूम को एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद भेजा गया।
खुले कुएं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
हादसे के बाद ग्रामीणों में खुले और गहरे कुएं को लेकर नाराजगी भी दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ऐसे कई स्थान हैं, जहां खुले या जर्जर कुएं हादसे को दावत दे रहे हैं। बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए इन कुओं को पहले से ही सुरक्षित कराया जाना चाहिए था।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव और आसपास के क्षेत्र में खुले व जर्जर कुओं को चिन्हित कर उन्हें तत्काल ढकवाया या सुरक्षित कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जिंदगी खतरे में न पड़े।
एक तरफ 60 फीट गहरे कुएं में गिरी मासूम की जिंदगी दांव पर थी, तो दूसरी तरफ आरक्षी मनोज कुमार ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना नीचे उतरकर मानवता और कर्तव्य की मिसाल पेश कर दी। उनकी बहादुरी ने एक मासूम की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

