फर्रुखाबाद,/
जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं छात्रावासों में नोडल अधिकारियों ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। अफसरों के औचक निरीक्षण से विद्यालयों में हलचल मच गई। अधिकारियों ने पढ़ाई की गुणवत्ता से लेकर बच्चों के भोजन, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और छात्रावासों में रहने की सुविधाओं तक का बारीकी से जायजा लिया।

नोडल अधिकारियों ने राजकीय संकेत विद्यालय फतेहगढ़, मानसिक मंदित आश्रय गृह, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय मोहम्मदाबाद, राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास कायमगंज, राजकीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़, श्री फिरोज गांधी जनता इंटर कॉलेज कमालगंज सहित कई शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गांधी/कमालगंज, राजेपुर, कायमगंज, शमसाबाद व नवाबगंज तथा राजकीय बालिका छात्रावास जमापुर, राजेपुर और जवाहर नवोदय विद्यालय मोहम्मदाबाद में भी व्यवस्थाएं जांची गईं।
थाली से लेकर टॉयलेट तक जांची व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील और छात्रावासों में दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर रही। अधिकारियों ने पेयजल की उपलब्धता, रसोई व भोजन व्यवस्था, कार्यालय, शौचालय, परिसर की साफ-सफाई, छात्रावासों के कमरों और बेड की स्थिति को देखा। जहां भी व्यवस्थाओं में कमी मिली, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए गए।
शिक्षकों के व्यवहार पर भी रखी नजर
अधिकारियों ने शिक्षकों की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की। जर्जर भवनों में किसी भी हालत में कक्षाएं संचालित न करने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सह-पाठ्यगामी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कार्ययोजना के अनुसार विद्यालयों में कार्यक्रम संचालित कराने को कहा गया।
अभ्युदय कोचिंग और बच्चों के स्वास्थ्य की भी पड़ताल
अभ्युदय कोचिंग में नवागत अधिकारियों के लिए प्रतिदिन एक घंटे का समय निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया और खाने-पीने की गुणवत्ता की जांच की गई। मानसिक मंदित आश्रय गृह में बच्चों को फल भी वितरित किए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, स्वच्छ परिसर, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, सुरक्षित भवन और जरूरी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण में सामने आई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराते हुए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए, ताकि सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

