मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद।
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, मोहम्मदाबाद में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला होम्योपैथिक अधिकारी की संयुक्त टीम ने अचानक विद्यालय पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बिना पूर्व सूचना हुए इस औचक निरीक्षण में शासन द्वारा निर्धारित 65 बिंदुओं पर विद्यालय की शैक्षणिक, भोजन, साफ-सफाई और छात्र सुविधाओं समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य के अलावा आठ प्रवक्ता और आठ सहायक अध्यापक उपस्थित मिले। टीम ने कक्षाओं और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। बच्चों से पढ़ाई, भोजन और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। टीम के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों का शिक्षण एवं ज्ञान स्तर संतोषजनक पाया गया।

बच्चों से पूछी हकीकत, भोजन व्यवस्था पर भी ली जानकारी
निरीक्षण टीम ने बच्चों से यह भी पूछा कि उन्हें समय से भोजन और नाश्ता मिल रहा है या नहीं। बच्चों ने बताया कि निर्धारित मीनू के अनुसार उन्हें सुबह, दोपहर और शाम को नाश्ता/भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा विभाग की ओर से बच्चों को कॉपी, ड्रेस, बैग, जूते समेत आवश्यक सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
1100 पुस्तकों वाली लाइब्रेरी ने खींचा ध्यान
विद्यालय में पठन-पाठन को बेहतर बनाने के लिए अलग लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। इसमें विभिन्न विषयों और विधाओं से जुड़ी करीब 1100 पुस्तकें उपलब्ध हैं। निरीक्षण टीम ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही अध्ययन सुविधाओं की भी जानकारी ली।
रंगाई-पुताई का काम जारी, डाइनिंग हॉल का प्रस्ताव शासन को
विद्यालय परिसर में अनुरक्षण और रंगाई-पुताई का काम भी कराया जा रहा है। बताया गया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा नामित यूपीएसआईडीसीओ एजेंसी के माध्यम से यह कार्य कराया जा रहा है। वहीं प्रधानाचार्य ने टीम को बताया कि छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए डाइनिंग हॉल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
समितियों के जरिए निगरानी की व्यवस्था
विद्यालय में व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। इनमें भोजन जांच समिति, पॉक्सो समिति, अनुशासन समिति तथा शिक्षक-अभिभावक समिति शामिल हैं। इन समितियों के माध्यम से विद्यालय की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और बच्चों से जुड़ी समस्याओं पर निगरानी रखने की व्यवस्था की गई है।
सफाई पर अफसरों ने दिए सख्त निर्देश
औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत महसूस की गई। संयुक्त टीम ने संबंधित अधिकारियों और प्रधानाचार्य को परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
टीम ने विद्यालय प्रबंधन को शासन की मंशा के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही न बरतने पर विशेष जोर दिया।

