फर्रुखाबाद/लखनऊ |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा स्कूलों में कमियों को छिपाने के उद्देश्य से मीडिया के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। सीएम योगी ने इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) को सख्त हिदायत दी है कि स्कूली छात्रों की समस्याओं और इस आदेश की तुरंत जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस कड़े रुख के बाद सूबे के मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी बेसिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को छिपाने की जगह समस्याओं के पारदर्शी निस्तारण पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए प्रमुख निर्देश निम्नलिखित हैं:
- साफ-सफाई और जलभराव का निस्तारण: बारिश के मौसम को देखते हुए सभी स्कूलों में युद्धस्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने और जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान करने के आदेश दिए गए हैं।
- सुविधाओं की ब्लॉकवार निगरानी: स्कूलों में पठन-पाठन का स्तर, पेयजल, बिजली आपूर्ति और किचन शेड जैसी अवस्थापना सुविधाओं का निरीक्षण करने के लिए ब्लॉकवार विशेष टीमें बनाई जाएंगी।
- सोशल मीडिया पर पैनी नजर: सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खातों के जरिए स्कूलों से जुड़ी शिकायतों की जांच करें, तथ्यात्मक जवाब दें और भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाएं।
- शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति और डीबीटी: स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की नियमित उपस्थिति पर सख्ती बरतने को कहा गया है। इसके अलावा यूनिफॉर्म, जूते-मोजे आदि के लिए भेजी जाने वाली डीबीटी (Direct Benefit Transfer) राशि के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अभिभावकों से संवाद: बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया है।


बच्चों की पढ़ाई का स्तर बहुत खराब है।
शिक्षक नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता अच्छी नहीं है।
बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन नहीं मिल रहा है।
विद्यालय की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की जाए।