फतेहगढ़/फर्रुखाबाद।
शासन के निर्देश के क्रम में शुक्रवार को विकास भवन सभागार, फतेहगढ़ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी ने वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान झेली गई पीड़ा, विस्थापन, संघर्ष और मानवीय त्रासदी की भयावह तस्वीर लोगों के सामने जीवंत कर दी। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने पहुंचकर इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय को समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान विभाजन विभीषिका से संबंधित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। उपस्थित लोगों ने गंभीरता और ध्यानपूर्वक डॉक्यूमेंट्री को देखा तथा विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई कठिनाइयों और पीड़ा को समझा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का लखनऊ से लाइव प्रसारण भी उपस्थित लोगों ने सुना।
डीएम ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन, साझा किए विचार
कार्यक्रम के प्रथम चरण में जिला पंचायत प्रशासक सुश्री मोनिका यादव एवं जिलाधिकारी फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। दोनों अधिकारियों ने विभाजन से जुड़े चित्रों और तथ्यों को देखा तथा डॉक्यूमेंट्री को ध्यानपूर्वक सुना। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों के बीच अपने विचार भी साझा किए और विभाजन की त्रासदी से नई पीढ़ी को अवगत कराने के महत्व पर जोर दिया।
सांसद और विधायकों ने भी देखी प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दूसरे चरण में जनपद के जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। माननीय सांसद श्री मुकेश राजपूत, अमृतपुर विधायक श्री सुशील शाक्य, भोजपुर विधायक श्री नागेंद्र राठौर, पूर्व विधायक श्री कुलदीप गंगवार तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री फतेहचंद ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित सामग्री को देखा और विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री को गंभीरता से सुना। जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि विभाजन के दर्द और उससे जुड़े इतिहास को याद रखना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस दौर की भयावहता को समझ सकें।
विद्यार्थियों ने जाना विभाजन का कड़वा इतिहास
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभाजन विभीषिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम में नाटक का मंचन भी किया गया, जिसके माध्यम से विभाजन के दौरान सामने आई मानवीय पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से जुड़े तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और इतिहास के उस दौर की भयावहता का अहसास कराया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संभ्रांत नागरिकों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देने का भी माध्यम है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
कार्यक्रम परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण श्री कपिल कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का समन्वय जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल द्वारा किया गया। पूरे आयोजन में लोगों ने प्रदर्शनी, डॉक्यूमेंट्री और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से विभाजन की पीड़ा को करीब से समझा तथा इतिहास की भयावह घटनाओं को स्मरण करते हुए एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

