फर्रुखाबाद/
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखाई दिया। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर अंतर्गत बाढ़ प्रभावित ग्राम बिलावलपुर तथा ग्राम धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। उन्होंने कहा कि सभी राहत चौकियां पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखे जाएं।

डीएम ने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग को जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए नियमित चिकित्सा शिविर लगाने और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि जिला प्रशासन चौबीसों घंटे हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद जिलाधिकारी रहमानिया इंटर कॉलेज में बनाए गए अस्थायी शरणालय पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के ठहरने की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई, भोजन, चिकित्सा सुविधा, महिलाओं और बच्चों की आवश्यकताओं तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी इंतजाम हर समय दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के साथ ही प्रत्येक अधिकारी को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों का सरकारी योजनाओं में पात्रता के अनुसार पंजीकरण कराया जाए तथा बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों से जोड़ा जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों एवं उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालय की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी जरूरतमंद को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मुरलीधर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
