शमशाबाद/फर्रुखाबाद |
शमशाबाद ब्लॉक क्षेत्र में गंगा की विनाशकारी बाढ़ से अभी राहत नहीं मिल पाई है। दो दिन से गंगा के जलस्तर में कमी आने से पानी उतरने लगा है,लेकिन इसी के साथ नदी किनारे कटान ने रफ्तार पकड़ ली है। इससे कटरी क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार समयचीपुर चितार गांव के किनारे गंगा का पानी कम होते ही मिट्टी धंसने और कटान की घटनाएं बढ़ गई हैं। नदी का तेज बहाव गांव की सीमा से सटी जमीन को लगातार काट रहा है। रातभर कटान की आवाज से ग्रामीणों की नींद उड़ गई। कई परिवार अपना सामान बांधकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान पानी से नुकसान हुआ ही था,अब पानी कम होने पर कटान से खेत और मकान खतरे में आ गए हैं। कुछ घर नदी से महज कुछ मीटर की दूरी पर हैं। ऐसे में यदि कटान इसी रफ्तार से चला तो गांव का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बाढ़ के समय रेस्क्यू और राहत पर ध्यान दिया गया, लेकिन अब कटान रोकने के लिए तटबंधों की मरम्मत और बोल्डर पिचिंग जरूरी है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें कटान प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही हैं। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
गंगा के जलस्तर में कमी जरूर आई है, लेकिन कटान के कारण कटरी क्षेत्र के लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। अब सबकी नजर प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले बचाव कार्यों पर टिकी है।
