फर्रुखाबाद।
कला एवं साहित्य साधकों को समर्पित अखिल भारतीय संस्था ‘कलार्पण’ की एक साधारण सभा बैठक लाल सराय स्थित कलमकार भवन में संपन्न हुई। बैठक में संस्था द्वारा पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, साथ ही अक्टूबर माह में प्रस्तावित तीन दिवसीय पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान नटराज के आह्वान और संगीत विधा संयोजक ईशांत मिश्रा द्वारा प्रस्तुत ध्येय गीत के साथ हुआ।
उज्जैन में सजेगा देश भर के कलाकारों का महाकुंभ
बैठक की जानकारी देते हुए संस्था के सचिव राम मोहन शुक्ला ने बताया कि कलार्पण का पांचवां तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन में देश भर से साहित्य, कला, संगीत, लोककला एवं नृत्य विधाओं के कलाकार भाग लेंगे और अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देंगे। अधिवेशन के दौरान भव्य रंग यात्रा भी निकाली जाएगी। उन्होंने इच्छुक कलाकारों से समय रहते अपना पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) कराने का आह्वान किया।
प्रतिभा सम्मान और काव्य गोष्ठी
- थिएटर कलाकार सम्मानित: नाट्य कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए थिएटर कलाकार धीरज मौर्या को समाजसेवी संजय गर्ग द्वारा सम्मानित किया गया। नाट्य विधा संयोजक अमित सक्सेना ने कहा कि संस्था निरंतर नए कलाकारों को जोड़कर उन्हें मंच प्रदान कर रही है।
- काव्य रचनाओं से गुंजायमान हुआ प्रांगण: बैठक के उपरांत काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया:
- देवेश तिवारी (युवा कवि): “संग्राम कहां तक टालोगे तुम अपनी तानाशाही से, बलिदान कहां तक मांगोगे तुम अपनी तानाशाही से, जल रहा युवाओं का भविष्य पेपर लीक के मुद्दों से, क्या ऐसे स्वर्णिम देश बनेगा तेरी तानाशाही से।”
- दिलीप कश्यप ‘कलमकार’: “सौराष्ट्र कसम हम खाते हैं फंदे को गले लगाएंगे, भारत माता की जय बोलेंगे सूली पर चढ़ जाएंगे।”
- प्रियांशु पाण्डेय: “उठो वीर अब समय हो गया नींद से फिर जग जाने का, समय हो गया फिर से नभ पे भगवा को लहराने का।”
- राज गौरव पाण्डेय ने शिव भजन की प्रस्तुति दी, वहीं हास्य कवि राम मोहन शुक्ला ने अपनी पंक्तियों से वातावरण को सहज बनाया।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. सर्वेश श्रीवास्तव ने की तथा संचालन संगठन मंत्री विशाल श्रीवास्तव द्वारा किया गया। अंत में प्रेस क्लब अध्यक्ष सर्वेंद्र कुमार अवस्थी ने सभी उपस्थित अभ्यागतों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सत्य सिंह, धीरज मौर्या, अमित सक्सेना (नक्श थियेटर), अंकित गुप्ता, रजनेश वर्मा, राम मोहन शुक्ल और राज गौरव पाण्डेय सहित अनेक साहित्यकार एवं कलाकार उपस्थित रहे।

