राजेपुर/ फर्रुखाबाद |
विकासखंड राजेपुर की ग्राम सभा नगला हूसा के मजरा कलट्टरगंज में इन दिनों ग्रामीण बिजली और पानी की समस्या से बेहाल हैं। करीब आठ दिनों से गांव की बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। भीषण उमस और गर्मी के बीच बिजली न होने से ग्रामीणों को घरों के अंदर रहना मुश्किल हो रहा है। वहीं बाढ़ के पानी के कारण आसपास जमा गंदगी और नमी से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अंदर बिजली के खंभे लगे हुए हैं और गांव की आबादी वाले हिस्से में बाढ़ का पानी नहीं है। बाढ़ का पानी गांव के बाहरी हिस्से में है। इसके बावजूद करीब आठ दिनों से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद है। बिजली न होने से सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है।
उमस में पसीने से बेहाल, रात में मच्छरों का हमला
ग्रामीणों ने बताया कि दिन में भीषण उमस के कारण घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। पंखे और कूलर बंद होने से बच्चे और बुजुर्ग पसीने से बेहाल रहते हैं। रात में स्थिति और खराब हो जाती है। बिजली न होने के कारण पंखे नहीं चल पाते और दरवाजे-खिड़कियां खोलकर सोना पड़ता है। ऐसे में मच्छरों और कीड़ों का प्रकोप लोगों की परेशानी और बढ़ा देता है।
ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ का पानी गांव के बाहरी हिस्से में जमा होने के कारण आसपास नमी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी सताने लगा है। छोटे बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं, लेकिन बिजली न होने से पंखे और अन्य विद्युत उपकरण नहीं चल पा रहे हैं।
अंधेरे में कट रही रात, सांप और जहरीले कीड़ों का डर
बिजली बंद होने से गांव में रात के समय पूरी तरह अंधकार छा जाता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण ग्रामीणों को सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का भी डर बना रहता है। अंधेरे में घर से बाहर निकलना भी ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो गया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार के लोग चिंतित हैं।
बिजली न होने से मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में किसी अधिकारी, अस्पताल या अन्य मदद के लिए संपर्क करना भी मुश्किल हो सकता है। कई परिवार मोबाइल चार्ज कराने के लिए दूसरे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने कहा—बाढ़ प्रभावित हैं तो राहत मिले, नहीं तो बिजली बहाल हो
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग की नजर में गांव बाढ़ प्रभावित है और इसी कारण बिजली आपूर्ति बंद की गई है तो प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यदि गांव के आबादी वाले हिस्से में बिजली आपूर्ति शुरू करने में कोई खतरा नहीं है तो तत्काल बिजली बहाल की जाए।
ग्रामीण चंद्रकली, जगरानी, सुशीला देवी, विमला देवी, उमेश, आदेश, अनिल, पप्पू शर्मा, सर्वेंद्र शर्मा, संदीप, विपिन, संतोष, शिवकुमार, राधेश्याम, गोपाल सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
एसडीओ बोले—मौके पर भेजे जाएंगे बिजली कर्मी
ग्रामीणों की समस्या के संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ को फोन के माध्यम से अवगत कराया गया। एसडीओ ने बताया कि जल्द ही बिजली कर्मियों को मौके पर भेजकर गांव की स्थिति की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। यदि गांव में बिजली सप्लाई देने में किसी प्रकार का खतरा नहीं रहता है तो बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
