फर्रुखाबाद/
जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। मंगलवार, 4 अगस्त की सुबह गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे है। तेजी से बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ-साथ गंगा किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ा दी है।

सिंचाई विभाग के अनुसार मंगलवार को नरौरा बांध से 1,24,173 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। इसके बाद गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले कुछ घंटों में गंगा खतरे के निशान को पार कर सकती है।

बढ़ते जलस्तर का असर अब सड़क संपर्क पर भी दिखाई देने लगा है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में फर्रुखाबाद–बदायूं स्टेट हाईवे के चित्रकूट डीप पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी भरने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
गंगा के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। निचले इलाकों के लोग अपने घरों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही है, क्योंकि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
प्रशासन ने भी हालात पर नजर बनाए रखी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देकर प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
यदि गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अमृतपुर क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क टूट सकता है और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें गंगा के बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई हैं।
