कमालगंज/फर्रुखाबाद।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और राजकीय बालिका छात्रावासों में प्रशासनिक अधिकारियों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों द्वारा विद्यालयों की व्यवस्थाओं को परखने के साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल मिल रहा है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान शैक्षिक गुणवत्ता के साथ विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई, अवस्थापना व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने विद्यालय परिसरों में नियमित सफाई कराने तथा वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच नियमित संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया। विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के सदस्यों के साथ बैठकें कराने तथा पीटीए बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी शैक्षिक प्रगति की जानकारी समय रहते मिल सके।
मिड-डे मील की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में
विद्यालयों में पीएम पोषण मिशन के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था को भी निरीक्षण में प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चों को नियमित रूप से स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो।
इसके साथ ही विद्यालयों में पढ़ाई के अलावा खेलकूद, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि बच्चों के व्यक्तित्व का समग्र विकास हो सके।
कमियां मिलीं तो प्राथमिकता से होगा निस्तारण
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान विद्यालयों या छात्रावासों में जो भी कमियां सामने आएं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए। विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कही गई है।
प्रशासन का उद्देश्य केवल विद्यालयों का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित माहौल, स्वच्छ परिसर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। लगातार हो रहे निरीक्षणों से विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।

