कंपिल /फर्रुखाबाद/
थाना क्षेत्र में बूढ़ी गंगा ने एक बुजुर्ग किसान की जिंदगी निगल ली। मवेशी चराने के लिए नदी के किनारे गए 70 वर्षीय किसान का अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में जा गिरे। काफी तलाश के बाद भी देर रात तक उनका कोई पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह नदी से शव बरामद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अर्जुन नगला निवासी महेश यादव (70) खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। रविवार शाम वह मवेशी चराने के लिए गांव बौरा बंगश नगर के पास बूढ़ी गंगा के किनारे गए थे। बताया गया कि इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी के गहरे पानी में डूब गए।
शाम तक जब महेश यादव घर वापस नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी और आसपास के इलाके में उनकी तलाश शुरू कर दी। देर रात तक खोजबीन चलती रही, लेकिन बुजुर्ग किसान का कोई सुराग नहीं मिल सका।
सुबह नदी से निकला शव, मचा कोहराम
सोमवार सुबह बूढ़ी गंगा में महेश यादव का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। शव घर पहुंचा तो पत्नी राम प्यारी और बेटी विनीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना से गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
महेश यादव अपने पीछे पांच पुत्रों और एक अविवाहित पुत्री समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। खेती-बाड़ी ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी। अचानक हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
हल्का इंचार्ज दिनेश कुमार के अनुसार, घटना के समय परिजनों की ओर से पुलिस को तत्काल सूचना नहीं दी गई थी। सोमवार सुबह शव बरामद होने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जानकारी जुटाई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक लिखापढ़ी करते हुए घटना को दर्ज किया।

