सुबह 6 बजे से शराब बिक्री का खेल? फिरोजाबाद में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

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सुबह 6 बजे से शराब बिक्री का खेल? फिरोजाबाद में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

80 रुपये का क्वार्टर 100 में! मुरली नगर, असपाबाद और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कथित तौर पर नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप — शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल

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जनरल फोर्स ब्यूरो

फिरोजाबाद। शहर में शराब बिक्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई इलाकों में निर्धारित समय से पहले ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। आरोप है कि सुबह करीब 6 बजे से ही शराब की दुकानें/बिक्री के ठिकाने सक्रिय हो जाते हैं और ग्राहकों को कथित रूप से निर्धारित कीमत से अधिक दाम चुकाने पड़ते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शराब बिक्री का निर्धारित समय है तो सुबह-सुबह शराब की बिक्री आखिर किसकी शह पर हो रही है? और यदि विभाग को इसकी जानकारी नहीं है तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

80 रुपये का क्वार्टर 100 में?

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि 80 रुपये कीमत वाले क्वार्टर के लिए 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही है तो यह उपभोक्ताओं से खुलेआम अतिरिक्त वसूली का गंभीर मामला हो सकता है। सवाल यह भी है कि शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट और बिक्री की निगरानी कितनी प्रभावी है?

मुरली नगर से रेलवे स्टेशन तक उठ रहे सवाल

मुरली नगर, असपाबाद और रेलवे स्टेशन क्षेत्र को लेकर स्थानीय लोगों ने विशेष रूप से शिकायतें उठाई हैं। आरोप है कि इन इलाकों में सुबह के समय शराब की बिक्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में आबकारी विभाग की गश्त और निरीक्षण व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

शिकायत के बाद कार्रवाई या सिर्फ खानापूर्ति?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। शिकायतों के बाद जांच या कार्रवाई की प्रक्रिया यदि होती भी है तो उसके परिणाम सार्वजनिक न होने से लोगों में यह सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर कार्रवाई का अंजाम क्या होता है?

हालांकि, आबकारी विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत या किसी प्रकार की अवैध वसूली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि आरोप गलत हैं तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, और यदि नियमों का उल्लंघन मिल रहा है तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

विभाग से सीधे सवाल

निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री की शिकायतों पर कितने निरीक्षण किए गए?

मुरली नगर, असपाबाद और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हाल में कितनी कार्रवाई हुई?

ओवररेटिंग की शिकायतों पर कितने लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई?

क्या सुबह 6 बजे शराब बिक्री के आरोपों की जांच कराई गई?

शिकायतों के बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?

क्या विभाग इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने को तैयार है?

अब निगाहें आबकारी विभाग की कार्रवाई पर हैं। आरोपों की सच्चाई जांच से सामने आएगी, लेकिन यदि नियमों के बावजूद सुबह-सुबह शराब बिक्री और ओवररेटिंग का खेल चल रहा है तो यह केवल विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि शहर की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल होगा।

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