फर्रुखाबाद।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जनसंख्या स्थिरीकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिले में आयोजित तीन दिवसीय विशेष परिवार नियोजन शिविर पूरी तरह सफल रहे। 3 से 5 अगस्त तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज, कमालगंज और बरौन में चले विशेष शिविरों में कुल 38 महिलाओं की सफल नसबंदी (ट्यूबल लिगेशन) की गई। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जनपद में परिवार नियोजन कार्यक्रम को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण अभियान बताया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय के निर्देशन में आयोजित इन शिविरों में प्रत्येक महिला का पहले चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तचाप, आवश्यक पैथोलॉजी जांच और विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी मानकों पर उपयुक्त पाए जाने के बाद ही ऑपरेशन किए गए। कायमगंज और कमालगंज में 14-14 तथा बरौन सीएचसी में 10 महिलाओं का सफल ऑपरेशन किया गया।
सीएमओ डॉ. आनन्द उपाध्याय ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा, परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने योग्य दंपत्तियों से अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी आवश्यकता के अनुसार अस्थायी या स्थायी साधनों का चयन करें।
उन्होंने आशा, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर पात्र दंपत्तियों को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक परिवार इन सेवाओं से जुड़ सकें।
शिविरों के दौरान सभी ऑपरेशन निर्धारित चिकित्सकीय मानकों और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किए गए। महिला नसबंदी ऑपरेशन डॉ. कृष्णा बोस (डीजीओ) ने सफलतापूर्वक संपन्न किए। टीम में डॉ. अरुण यादव (एनेस्थेटिस्ट), डॉ. रोहित तिवारी (सर्जन), डॉ. ममता अरुण, डॉ. मधु अग्रवाल, ओटी टेक्नीशियन नरेन्द्र, काउंसलर सुनीता तथा स्टाफ नर्स रीता और मीरा सहित जिला महिला चिकित्सालय एवं संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑपरेशन के बाद सभी महिलाओं को रिकवरी कक्ष में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। उन्हें आवश्यक दवाइयां, पोषण संबंधी सलाह और स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। साथ ही परिवार नियोजन के अन्य विकल्पों जैसे कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम सहित विभिन्न अस्थायी साधनों की भी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर परिवार नियोजन सेवाएं नियमित रूप से निःशुल्क उपलब्ध हैं। प्रशिक्षित चिकित्सकों की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं दी जा रही हैं, ताकि हर पात्र दंपत्ति तक सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकें।
तीनों विशेष शिविरों की सफलता पर सीएमओ डॉ. आनन्द उपाध्याय ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे विशेष शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे “स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र” के लक्ष्य को और मजबूती मिल सके।
