फर्रुखाबाद।
जनपद में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां सरिया खरीदने के नाम पर एक व्यापारी से 10 लाख 10 हजार 750 रुपये की ठगी कर ली गई। मामले में कार्रवाई करते हुए फर्रुखाबाद साइबर थाना पुलिस ने बिहार से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के पास से कई डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर कला निवासी महेंद्र पाल सिंह, सरिया व्यापार का काम करते हैं। उन्होंने सस्ते दाम पर सरिया खरीदने के लिए गूगल पर एक कंपनी का नंबर तलाशा। संपर्क करने पर खुद को कंपनी प्रतिनिधि बताने वाले ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी इनवॉइस भेजी और भरोसे में लेकर एडवांस भुगतान के नाम पर अलग-अलग खातों में 10 लाख 10 हजार 750 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
काफी समय गुजरने के बाद भी जब सरिया की खेप नहीं पहुंची तो व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बिहार तक पहुंचे ठगी के तार
मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल ट्रांजेक्शन और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम बिहार पहुंची, जहां छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना जनपद के थाना मुबारकपुर क्षेत्र के बुधनपुर निवासी कुंदन कुमार और इस्लामपुर थाना क्षेत्र के कोबिल गांव निवासी गजेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर व्हाट्सएप पर नकली बिल और दस्तावेज भेजते थे और एडवांस पेमेंट लेकर फरार हो जाते थे।
बड़ी बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है, जिसमें—
4 मोबाइल फोन
13 डेबिट कार्ड
9 सिम कार्ड
2 चेकबुक
1 नोटबुक
13 हजार रुपये नकद
मोबाइल में कई फर्जी दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट बरामद हुए हैं।
पुलिस की अपील
फर्रुखाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गूगल पर मिले किसी भी अनजान नंबर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी कंपनी से ऑनलाइन लेन-देन करने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच करें।
यदि आपके साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी साइबर सेल से संपर्क करें।
यह कार्रवाई फर्रुखाबाद पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है और इससे साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
