फर्प्ररुखाबाद |
शासनिक अधिकारियों की मनमानी पर अब नकेल कसनी शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विनोद कुमार गौड़ ने शमसाबाद के खंड विकास अधिकारी (BDO) राधेश्याम के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनके वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से की गई है।
खाली पड़ा है सरकारी आवास, जिला मुख्यालय पर जमाया डेरा
नियमों के मुताबिक, खंड विकास अधिकारी को ब्लॉक मुख्यालय के सरकारी आवास में रहना अनिवार्य है, लेकिन BDO राधेश्याम इस नियम की धज्जियां उड़ा रहे थे। जांच में सामने आया कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर अपना निजी ठिकाना बना रखा है, जबकि ब्लॉक का सरकारी आवास खाली पड़ा रहता है। इसी कारण वे समय पर कार्यालय भी नहीं पहुंच पा रहे थे, जिसे शासन के आदेशों की खुली अवहेलना माना गया है।
सुबह 10 बजे ऑफिस से गायब मिले अधिकारी, CDO ने थमाया नोटिस
मंगलवार को जारी किए गए एक आधिकारिक पत्र में CDO विनोद कुमार गौड़ ने मामले का संज्ञान लिया। पत्र के अनुसार, सुबह 10 बजे जब कार्यालय का निरीक्षण हुआ, तो BDO अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं थे। इसे शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता करार दिया गया है। प्रशासन ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया है।
3 दिन में देना होगा जवाब, वरना होगी एकपक्षीय कार्रवाई
CDO ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 3 दिनों के भीतर BDO राधेश्याम की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ विभाग द्वारा कठोर एकपक्षीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से जिला प्रशासन और अन्य ब्लॉक अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
