एक्सप्रेसवे के लिए जमीनों का सत्यापन जारी: अमरोहा में 52 गांव दायरे में, नवंबर में किसानों से बैनामे शुरू होने की उम्मीद
जनरल फोर्स ब्यूरो/अमरोहा
हसनपुर | अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों का सत्यापन किया जा रहा है। राजस्व विभाग गाटा संख्या और किसानों के मालिकाना हक का मिलान कर रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर में बैनामे शुरू होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे 116.85 किलोमीटर लंबा होगा। इसका करीब 44 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा से गुजरेगा।
यह प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे के मंगरौला टी-प्वाइंट से जुड़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। अमरोहा जिले की हसनपुर और धनौरा तहसील के 52 गांव इसके दायरे में आएंगे। इनमें हसनपुर के 17 और धनौरा के 35 गांव शामिल हैं।
150 किसान सहमति पत्र दे चुके
सर्वे पूरा हो चुका है और सर्किल रेट लागू हो गया है। गाटा संख्या का सत्यापन अंतिम चरण में है। करीब 150 किसान सहमति पत्र दे चुके हैं। हसनपुर तहसील के मंगरौला, पाइंदापुर मुस्तकम
पिपलौती खुर्द, रूखालू, सिकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, करनखाल, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेड़ा खुर्द, अब्दीपुर, कटाई और पूठी समेत कई गांव परियोजना के दायरे में हैं।
धनौरा तहसील के अटारी, मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना, वस्तौरा माफी, जलालपुर, मोहम्मदी, कौराला, रिछोटी, पारा खालसा और वलीपुर समेत अन्य गांव भी एक्सप्रेसवे के दायरे में आएंगे।
गाटा संख्याओं का मिलान कराया
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह ने बताया कि गाटा संख्याओं का मिलान कराया जा रहा है। जल्द ही कमिश्नर से मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद किसानों से बैनामे शुरू होंगे।
परियोजना पूरी होने पर अमरोहा से हरिद्वार की दूरी और यात्रा का समय घटने की उम्मीद है। इससे औद्योगिक विकास, निवेश, व्यापार और पर्यटन को गति मिलने की भी उम्मीद जताई गई है।
