फर्रुखाबाद/
जनपद में राजस्व वसूली से लेकर जनशिकायतों के निस्तारण तक सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ निर्धारित वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य केवल कागजों पर पूरे दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर भी उसका परिणाम दिखाई देना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और राजस्व संग्रह में तेजी लाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे सरकारी राजस्व के साथ विकास कार्यों की गति भी प्रभावित न हो।
आईजीआरएस पर फर्जी औपचारिकता नहीं, फरियादियों को चाहिए वास्तविक न्याय
जनशिकायतों को लेकर डीएम ने अधिकारियों को विशेष रूप से आगाह किया। आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल ऑनलाइन निस्तारित दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश न करें। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए और उसे कार्रवाई से संतुष्ट भी किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, गलत रिपोर्टिंग अथवा अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और जनपद की विभागीय रैंकिंग में भी सुधार हो।
फार्मर रजिस्ट्री में ढिलाई करने वालों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज
किसानों से जुड़े एग्रीस्टेक और फार्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी तैयार करना शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। तहसील और विकासखंड स्तर पर लेखपालों तथा पंचायत सहायकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने चेतावनी दी कि जो कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करेंगे और लक्ष्य पूरा करने में लापरवाही बरतेंगे, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को दो टूक संदेश, जनहित के कामों में नहीं चलेगी बहानेबाजी
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों की प्रगति पर लगातार नजर रखें। लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का समाधान, राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार सहित जनपद की सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बै
