फर्रुखाबाद।
जिले की सियासत में इन दिनों एक कथित होर्डिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक होर्डिंग के वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। होर्डिंग पर लिखे नारे ‘चाचा है तो सपा है’ ने नई बहस छेड़ दी है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि होर्डिंग में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव की तस्वीर तो दिखाई दे रही है, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर नदारद है। मामला सामने आते ही सपा नेताओं ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
एमएलसी चुनाव की जीत की बधाई के बहाने पोस्टर से उठे सवाल
वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहे होर्डिंग पर एमएलसी चुनाव में मिली जीत की बधाई दी गई है। होर्डिंग पर ‘चाचा है तो सपा है’ का नारा लिखे होने के कारण इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों के बीच भी इस होर्डिंग को लेकर चर्चा हो रही है। आखिर किसने इसे लगवाया और इसके पीछे क्या मंशा थी, यह सवाल लोगों के बीच बना हुआ है।
जिलाध्यक्ष ने खुद शुरू कराई पड़ताल, संगठन में नहीं मिला राममूर्ति सिंह यादव
मामले को गंभीरता से लेते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने वायरल होर्डिंग की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। उन्होंने पार्टी के पूर्व विधायकों, विधानसभा अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क कर होर्डिंग पर लिखे नाम के संबंध में जानकारी ली।
जिलाध्यक्ष के मुताबिक, होर्डिंग पर जिस राममूर्ति सिंह यादव का नाम सामने आया है, उस नाम का कोई व्यक्ति फर्रुखाबाद के जिला संगठन में न तो पदाधिकारी है और न ही सदस्य के रूप में उनकी जानकारी मिली है। पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता ने भी ऐसे व्यक्ति को पहचानने की पुष्टि नहीं की।
इसके बाद जिलाध्यक्ष ने वायरल होर्डिंग को फर्रुखाबाद का होने से इनकार करते हुए इसे भ्रामक और मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि जिले में समाजवादी पार्टी की ओर से इस तरह का कोई होर्डिंग नहीं लगवाया गया है।
एमएलसी चुनाव के बाद बीजेपी पर लगाया साजिश का आरोप
सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी की सीटों में बढ़ोतरी के बाद भाजपा इस तरह की गतिविधियों के जरिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, वायरल हो रहा होर्डिंग भी भाजपा की कथित साजिश का हिस्सा हो सकता है।
अब वायरल वीडियो की असलियत पर टिकी निगाहें
फिलहाल ‘चाचा है तो सपा है’ लिखे होर्डिंग को लेकर जिले की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं। एक ओर सपा जिलाध्यक्ष इसे फर्रुखाबाद का होर्डिंग मानने से इनकार करते हुए भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। होर्डिंग वास्तव में कहां लगाया गया, इसे किसने तैयार कराया और इसके पीछे किसका हाथ है, इन सवालों का जवाब सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में वायरल वीडियो की वास्तविकता स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
