पांचाल घाट पर दर्दनाक हादसा: भांजी की जान बचाने में गंवाई अपनी जिंदगी, गंगा की लहरों में समाया पूर्व सैनिक |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद |

जनपद के पांचाल घाट पर रविवार को मानवता और रिश्तों की मिसाल पेश करने वाला एक दर्दनाक हादसा सामने आया। डूब रही अपनी भांजी की जान बचाने के लिए गंगा में छलांग लगाने वाले 60 वर्षीय पूर्व सैनिक रामशंकर खुद गंगा की तेज धाराओं में समा गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने घंटों तक खोजबीन की, लेकिन देर शाम तक उनका कोई पता नहीं चल सका।

जानकारी के अनुसार कादरी गेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला शिवाजी नगर निवासी रामशंकर अपने रिश्तेदारों के साथ पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के सामने गंगा स्नान करने पहुंचे थे। उनके साथ हाथरस और पुणे से आई उनकी भांजियां संध्या, सुशीला और सुधा भी अपने परिवार के साथ मौजूद थीं। गंगा स्नान के दौरान अचानक सुशीला गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं।

भांजी को संकट में देखकर रामशंकर ने बिना एक पल गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। उन्होंने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सुशीला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इसी दौरान वे स्वयं गंगा की तेज धारा और गहराई की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक बार उनका सिर पानी के ऊपर दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद वे देखते ही देखते गंगा की लहरों में ओझल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। परिजन बदहवास होकर मदद की गुहार लगाने लगे। सूचना पर पहुंची कादरी गेट पुलिस ने तत्काल स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारकर तलाश अभियान शुरू कराया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद पूर्व सैनिक का कोई सुराग नहीं मिल सका।

रामशंकर का परिवार भी इस हादसे से गहरे सदमे में है। उनके तीन बेटे हैं, जिनमें से दो भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे हैं, जबकि एक निजी क्षेत्र में नौकरी करता है। परिवार के अनुसार उनकी पत्नी इस समय सेना में तैनात बेटे के साथ छत्तीसगढ़ में रह रही हैं और रामशंकर घर पर अकेले थे। रिश्तेदारों के आगमन पर वह उनके साथ गंगा स्नान के लिए पांचाल घाट गए थे।

पूर्व सैनिक द्वारा अपनी भांजी की जान बचाने के लिए किया गया यह साहसिक प्रयास लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई उनके त्याग और बहादुरी को सलाम कर रहा है। वहीं परिजन गंगा किनारे अपनों की सलामती की दुआ करते हुए उनकी तलाश पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गोताखोरों की मदद से खोज अभियान लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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