राष्ट्रपति भवन में उत्तर प्रदेश की चार विभूतियों को मिला पद्मश्री सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित पद्म पुरस्कार अलंकरण समारोह में उत्तर प्रदेश की चार विशिष्ट हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया। समारोह में देशभर की 65 विभूतियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए।
उत्तर प्रदेश से वाराणसी की प्रख्यात शिक्षाविद् एवं साहित्यकार प्रो. मंगला कपूर को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री प्रदान किया गया। शिक्षा, भारतीय संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक कार्यों को यह राष्ट्रीय सम्मान मिला।
लखनऊ के वरिष्ठ रंगकर्मी, अभिनेता और सांस्कृतिक व्यक्तित्व डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी को कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। रंगमंच, टेलीविजन और फिल्मों में उनकी बहुआयामी सेवाओं ने भारतीय कला जगत को समृद्ध किया है।
कृषि क्षेत्र में अभिनव कार्यों के लिए स्वर्गीय रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। उनकी ओर से यह सम्मान उनके परिवार के सदस्य ने ग्रहण किया। कृषि क्षेत्र में उनके योगदान ने किसानों और ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसी प्रकार मुरादाबाद के प्रसिद्ध शिल्पकार चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। पारंपरिक हस्तशिल्प और धातु कला के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
समारोह में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं और कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, सामाजिक सेवा तथा अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश की इन चार विभूतियों को मिला यह सम्मान न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे और राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने की भावना को सशक्त करेंगे।
