पांच साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, पचास-पचास हजार का जुर्माना*
मैनपुरी (अजय किशोर) औंछा थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में एक किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत ने अपना कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) जहेंद्र पाल सिंह की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों दोषियों पर कुल एक लाख रुपये (50-50 हजार रुपये) का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। सजा मुकर्रर होने के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया।
यह पूरा मामला जनवरी 2021 का है, जब औंछा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की खोजबीन के दौरान पता चला था कि एटा निवासी आकाश और स्थानीय निवासी गुड्डू उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गए हैं। पीड़िता की ओर से मिले फोन कॉल के सुराग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और परिजनों ने उसे 25 जनवरी 2021 को दिल्ली के इंद्रापुरम क्षेत्र से बरामद किया था। इसके बाद पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज वर्मा और शैलेंद्री राजपूत ने प्रभावी पैरवी करते हुए पुख्ता साक्ष्य और पीड़िता के बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने आकाश और गुड्डू पर सामूहिक दुष्कर्म का सीधा आरोप लगाया था। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों को इस जघन्य अपराध का दोषी पाया। पांच साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीड़िता को न्याय मिला और दोषियों को उनके किए की सख्त सजा भुगतने के लिए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
