खूंटे से भैंस खोलकर ले गए चोर, ग्रामीणों की सतर्कता से चोरी का खुलासा
मेरापुर (फर्रुखाबाद)।
जिले में पशु चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि रात के अंधेरे में घरों के सामने बंधे पशुओं को खोलकर ले जाने से भी नहीं डर रहे। वहीं पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ताजा मामला थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत परिउली सरसाई के नगला उमराय गांव का है, जहां चोर एक किसान की भैंस खोलकर ले गए। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते एक आरोपी को मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य आरोपी फरार होने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार नगला उमराय निवासी रामबाबू पाल पुत्र राम भरोसे पाल ने अपनी भैंस घर के बाहर खूंटे से बांध रखी थी। मंगलवार तड़के करीब दो बजे अज्ञात चोर भैंस को खोलकर ले गए। रात करीब तीन बजे जब रामबाबू की नींद खुली तो उन्होंने भैंस को गायब पाया। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पीड़ित ने परिजनों एवं ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान नगला दाऊद गांव के लोगों को कुछ संदिग्ध युवक भैंस ले जाते दिखाई दिए। ग्रामीणों ने जब उनसे पूछताछ करने का प्रयास किया तो आरोपी भागने लगे। इस पर ग्रामीणों ने पीछा कर एक आरोपी को दबोच लिया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
ग्रामीणों ने पकड़े गए आरोपी को पुलिस चौकी पखना के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि फरार आरोपियों का वीडियो भी ग्रामीणों ने बना लिया था, जिसके आधार पर उनकी पहचान कर ली गई है। ग्रामीणों के अनुसार फरार आरोपियों की पहचान सुरजीत यादव पुत्र राधेश्याम यादव निवासी नगला नानकर, थाना मेरापुर तथा अनूप पुत्र बृजेश निवासी कुंवरपुर, थाना मोहम्मदाबाद के रूप में हुई है। वहीं पकड़ा गया आरोपी राजेश पुत्र बृजेश बताया जा रहा है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही पशु चोरी की घटनाओं से किसान और पशुपालक भयभीत हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी रोकथाम करने में नाकाम साबित हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते गश्त और निगरानी बढ़ाई जाती तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था।
पीड़ित रामबाबू पाल ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब घरों के सामने बंधे पशु भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।
