तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0: फर्रुखाबाद में युवाओं को नशे से बचाने के लिए 60 दिवसीय विशेष अभियान शुरू |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

तंबाकू और गुटखा की लत में फंसकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जनपद में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 शुरू किया गया है। 28 अक्टूबर से शुरू हुआ यह विशेष अभियान लगातार 60 दिनों तक चलेगा। अभियान के दौरान जनपद के 1100 विद्यालयों और 100 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने के लिए 100 प्रवर्तन अभियान भी चलाए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य केवल तंबाकू के सेवन से लोगों को रोकना ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से पहले जागरूक करना भी है। अभियान में पुलिस, शिक्षा, पंचायतीराज और चिकित्सा विभाग को शामिल करते हुए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता की तैयारी की गई है।

1100 स्कूलों में गूंजेगी तंबाकू मुक्त रहने की शपथ

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के तहत जनपद के 1100 विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस विभाग, पंचायतीराज विभाग, शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग के आपसी समन्वय से विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।

विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को तंबाकू, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। बच्चों को तंबाकू का सेवन न करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई जाएगी। अभियान के तहत विद्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

100 गांवों में चलेगी जागरूकता की मुहिम

ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू सेवन की आदत पर रोक लगाने के लिए पंचायतीराज विभाग के सहयोग से 100 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे। गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को तंबाकू और गुटखा के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा।

ग्राम स्तर पर लोगों को तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित कराने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा विभाग की ओर से आईईसी यानी सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक तंबाकू के दुष्परिणामों की जानकारी पहुंच सके।

100 प्रवर्तन अभियान से नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा

तंबाकू मुक्त अभियान को प्रभावी बनाने के लिए केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पुलिस विभाग के सहयोग से 100 प्रवर्तन अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन अभियानों के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण संबंधी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि युवाओं को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के साथ सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी तंबाकू नियंत्रण के नियमों का प्रभावी पालन कराया जाए।

तंबाकू के 4000 जहरीले तत्व शरीर को कर रहे खोखला

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि तंबाकू में लगभग 4000 जहरीले तत्व मौजूद होते हैं, जो मानव शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। तंबाकू का सेवन कई प्रकार की जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके सेवन से बाल झड़ने, मोतियाबिंद, फेफड़ों के कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को इन गंभीर दुष्परिणामों से बचाने के लिए समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है। तंबाकू मुक्त युवा अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालयों और गांवों में चलने वाले जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को तंबाकू से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे इसके सेवन से दूर रहने का संकल्प ले सकें।

इच्छाशक्ति मजबूत तो तंबाकू की लत से मिलेगी मुक्ति

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि तंबाकू की लत छोड़ने के लिए व्यक्ति के मन में दृढ़ इच्छाशक्ति होना सबसे जरूरी है। तंबाकू छोड़ने का निर्णय लेने के बाद व्यक्ति को अपने व्यवहार और दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति एक बार में तंबाकू छोड़ने में कठिनाई महसूस करता है, तो वह धीरे-धीरे इसकी मात्रा कम कर सकता है। इसके लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव करना, डायरी लिखना और मित्रों व परिचितों को तंबाकू छोड़ने के निर्णय के बारे में बताना मददगार हो सकता है। साथ ही व्यक्ति को अपने पास सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद रखने से बचना चाहिए।

जिला अस्पताल से हेल्थ वेलनेस सेंटर तक मिलेगी निःशुल्क काउंसलिंग

तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जनपद सलाहकार सूरज दुबे ने बताया कि जिला चिकित्सालय डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर लोगों की काउंसलिंग की जा रही है।

यहां काउंसलर और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को आवश्यक परामर्श दे रहे हैं। लोगों को तंबाकू की लत से बाहर निकलने के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी आदत में बदलाव कर स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें।

घर बैठे फोन पर लें तंबाकू छोड़ने का मार्गदर्शन

तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों की सहायता के लिए भारत सरकार की ओर से टोल फ्री नंबर 1800-112-356 जारी किया गया है। इस नंबर पर सोमवार को छोड़कर सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक निःशुल्क कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

कॉल सेंटर के माध्यम से घर बैठे भी तंबाकू छोड़ने के लिए मार्गदर्शन लिया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को सही परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराना अभियान का अहम हिस्सा है।

60 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के जरिए स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जनपद में तंबाकू के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन खड़ा करना है। 1100 विद्यालयों में जागरूकता, 100 गांवों में जनसंपर्क और 100 प्रवर्तन अभियानों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने तथा समाज को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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