पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर गरमाई सियासत: एलवाई डिग्री कॉलेज में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज/फर्रुखाबाद।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। कायमगंज के एलवाई डिग्री कॉलेज में सोमवार को शिक्षकों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। फुफुक्टा (FUFUTA) के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली और फीडर कैडर सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की। काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए शिक्षकों ने साफ संदेश दिया कि उनके भविष्य और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

शिक्षकों का यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन उनकी मांगों को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। शिक्षकों ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि वर्षों तक सेवा करने वाले कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। लंबे समय से लंबित इस मांग पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

तीन दिन तक काली पट्टी, फिर डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन

फुफुक्टा के आह्वान पर शिक्षकों ने दो नवंबर से चार नवंबर तक लगातार तीन दिनों तक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करने का निर्णय लिया है। इस दौरान शिक्षक अपनी नियमित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए विरोध जताएंगे। इसके बाद पांच नवंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।

शिक्षकों का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली और फीडर कैडर जैसी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन पर ठोस निर्णय नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों ने भरी हुंकार

महाविद्यालय शिक्षक संघ इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा और महामंत्री अभिषेक कुमार सिंह ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुरानी पेंशन बहाली की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली बेहद आवश्यक है। सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

शिक्षकों ने कहा कि फीडर कैडर सहित अन्य लंबित मांगों पर भी सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक विरोध के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाता रहेगा।

कई शिक्षक रहे मौजूद, आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प

एलवाई डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में महाविद्यालय शिक्षक संघ इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा, महामंत्री अभिषेक कुमार सिंह के अलावा कूटा के जिला महामंत्री डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. विपिन सिंह, डॉ. आशीष तिवारी, ब्रजेश वर्मा, दिनेश चंद्र और अरविंद कुमार सहित कई शिक्षक शामिल रहे।

सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से उठाया। शिक्षकों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए है। पांच नवंबर को ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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