दिवाली पर खाद्य विभाग की छापेमारी से व्यापारियों में आक्रोश, सपाइयों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। मिठाई से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए ग्राहक दुकानों पर पहुंच रहे हैं। इसी बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। खाद्य विभाग की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के व्यापार मंडल के पदाधिकारी सड़क पर उतर आए। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सपाइयों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद्य विभाग की छापेमारी पर रोक लगाने की मांग उठाई।

दोपहर करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे सपा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि त्योहार के समय छोटे दुकानदारों, परचून कारोबारियों और हलवाई-मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। इससे व्यापारियों के बीच भय और असमंजस का माहौल बन रहा है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि खाद्य पदार्थों की जांच के नाम पर ईमानदारी से कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।

त्योहार के सीजन में कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश

ज्ञापन में कहा गया कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर मिठाई और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। छोटे दुकानदार पूरे वर्ष के कारोबार की उम्मीद लेकर त्योहार की तैयारी करते हैं, लेकिन इसी दौरान खाद्य विभाग की लगातार छापेमारी और सैंपलिंग से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। सपा पदाधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच आवश्यक है, लेकिन जांच की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे व्यापारियों को बेवजह परेशान न होना पड़े।

कानून का समर्थन, लेकिन उत्पीड़न के खिलाफ सपा

सपा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे खाद्य सुरक्षा कानून और खाद्य पदार्थों की शुद्धता के पक्षधर हैं। जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिलना जरूरी है। हालांकि, उनका आरोप है कि कानून की आड़ में छोटे कारोबारियों को डराने-धमकाने और परेशान करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

सात मांगों के जरिए राज्यपाल तक पहुंचाई आवाज

राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सपा नेताओं ने खाद्य विभाग की छापेमारी और सैंपलिंग के नाम पर व्यापारियों को डराने-धमकाने सहित अन्य शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।

ज्ञापन में कुल सात मांगें रखी गईं। सपा पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहार के समय व्यापारियों को राहत दी जानी चाहिए और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।

व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का ऐलान

कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे व्यापारी बाजार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके कारोबार को प्रभावित करने वाली कार्रवाई से न केवल दुकानदारों, बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ता है। उन्होंने व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहने की बात कही।

इस दौरान रोमित सक्सेना, गगन सिंह, पवन चतुर्वेदी, संदीप चौहान, आयुष सहित समाजवादी पार्टी के व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने खाद्य विभाग की कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर व्यापारियों को राहत दिलाने की मांग की।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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