फर्रुखाबाद।
बिजली की आंखमिचौली, बार-बार ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग से परेशान शहर के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मऊदरवाजा क्षेत्र में लंबे समय से प्रतीक्षित 10 एमवीए क्षमता का नया विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है। उपकेंद्र के चालू होते ही मऊदरवाजा, बजरिया, महादेव प्रसाद स्ट्रीट समेत आसपास के कई मोहल्लों और गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। करीब 10 हजार परिवारों को इस नए उपकेंद्र का सीधा लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है।
नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र का सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केवल अधिकारियों से जानकारी लेकर औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि उपकेंद्र में स्थापित ट्रांसफार्मर, 11 केवी वीसीबी ब्रेकर और मेन स्विच को स्वयं ऑपरेट कर उपकरणों की कार्यप्रणाली परखी। निरीक्षण में विद्युत उपकेंद्र की व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की।
दो ट्रांसफार्मर संभालेंगे बिजली आपूर्ति का भार
मऊदरवाजा में तैयार किए गए इस विद्युत उपकेंद्र में पांच-पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। दोनों ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता 10 एमवीए है। इसके साथ ही 11 केवी के वीसीबी ब्रेकर, मेन स्विच और अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण भी लगाए जा चुके हैं।
विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि उपकेंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है और निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाओं को परखा गया है। लंबे समय से क्षेत्र के लोग बिजली की समस्या से जूझ रहे थे। नया उपकेंद्र शुरू होने के बाद बिजली आपूर्ति का भार विभाजित किया जा सकेगा, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या कम होने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलने की उम्मीद है।
10 हजार परिवारों को मिलेगी राहत, ट्रिपिंग से छुटकारे की उम्मीद
मऊदरवाजा और आसपास के क्षेत्रों में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। आबादी बढ़ने के साथ पुराने विद्युत ढांचे पर भी दबाव बढ़ा है। इसके चलते कई इलाकों में बार-बार बिजली कटौती और ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आती रही हैं।
नए विद्युत उपकेंद्र की क्षमता लगभग 10 हजार परिवारों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से निर्धारित की गई है। इसके चालू होने से मऊदरवाजा, बजरिया, महादेव प्रसाद स्ट्रीट और आसपास के गांवों-मोहल्लों के उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक राहत उपकेंद्र के संचालन और बिजली आपूर्ति व्यवस्था के सुचारु होने के बाद ही सामने आएगी।
दिवाली के आसपास लोकार्पण की तैयारी
नए विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। विधायक ने बताया कि उपकेंद्र का लोकार्पण दिवाली से एक-दो दिन पहले अथवा दिवाली के बाद एक सप्ताह के भीतर कराने की योजना है। लोकार्पण के बाद उपकेंद्र को चालू कर क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति का लाभ देने की तैयारी है।
विधायक ने यह भी बताया कि सेंट्रल जेल के पास निर्माणाधीन दूसरे विद्युत उपकेंद्र का निरीक्षण वह अगले दो दिनों में करेंगे। इससे शहर की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा।
शहर के 80 किलोमीटर जर्जर तार बदलने का प्रस्ताव
शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केवल नए उपकेंद्रों के निर्माण तक ही काम सीमित नहीं है। पुराने और जर्जर बिजली के तार भी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। जगह-जगह लटकते तारों और पुराने विद्युत नेटवर्क के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि शहर में करीब 80 किलोमीटर लंबे जर्जर और लटकते बिजली के तारों को बदलवाने के लिए रिवाइज्ड बिजनेस प्लान भेजा गया है। प्रस्ताव के माध्यम से पुराने तारों को बदलकर विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे बिजली आपूर्ति में सुधार के साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार
विधायक ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण और पुराने विद्युत ढांचे को दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
