पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा: डीएम सख्त, धीमी प्रगति पर जीवीपीआर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश |

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फर्रुखाबाद ।

जनपद में चल रही पेयजल और सीवर परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने जल निगम शहरी और ग्रामीण की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में शहरी क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं— आवास विकास में 24×7 वाटर सप्लाई पायलट प्रोजेक्ट, कैंट एरिया वाटर सप्लाई योजना, शमसाबाद वाटर सप्लाई स्कीम और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शमसाबाद में बन रहे सीवर व एसटीपी प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई।

डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी को निर्देश दिए कि जो कार्यदायी संस्थाएं तय समय सीमा में काम पूरा नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार पेनाल्टी की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पाइपलाइन डालने के लिए खोदे गए गड्ढों को काम पूरा होते ही तुरंत बंद कराया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

इसके बाद डीएम ने ग्रामीण क्षेत्र में “हर घर जल” योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वीटीएल गजा कंपनी ने 154 ओवरहेड टैंकों में से 151 टैंकों का निर्माण पूरा कर लिया है, जबकि जीवीपीआर कंपनी 227 टैंकों में से सिर्फ 69 टैंक ही बना सकी है।

जीवीपीआर कंपनी की बेहद धीमी कार्यप्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के लिए शासन को संस्तुति भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिन परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, वहां नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कराने के भी आदेश दिए।

बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जल निगम ग्रामीण से जुड़ी शिकायतों पर 23 प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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