शमसाबाद/कायमगंज/फर्रुखाबाद |
जनपद के लिए विकास की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। कायमगंज तहसील के शमसाबाद क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर अब धरातल पर उतरने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के निर्देश पर जिला प्रशासन ने भूमि क्रय की प्रक्रिया को गति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 1100 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, यह औद्योगिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित किया जाएगा, जहां भविष्य में बड़े उद्योग, उत्पादन इकाइयां और व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे। परियोजना के शुरू होने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
किसानों की सहमति से होगी भूमि खरीद
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार द्वारा जारी निर्देशों के तहत परियोजना के लिए चिन्हित भूमि और उस पर स्थित भवनों, दुकानों तथा अन्य संपत्तियों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। भूमि की खरीद पूरी तरह आपसी सहमति और निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार की जाएगी। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य दिया जाएगा तथा भूमि की रजिस्ट्री सीधे यूपीडा के नाम कराई जाएगी।
इस महत्वपूर्ण कार्य की निगरानी के लिए तहसीलदार हर्षित सिंह और नायब तहसीलदार अनवर हुसैन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क स्थापित कर रही हैं और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करा रही हैं।
16 गांवों की बदलेगी तस्वीर
औद्योगिक कॉरिडोर के लिए जिन गांवों की भूमि चिन्हित की गई है उनमें असगरपुर, शाहपुर दासू, बछलइया, कैयरखेड़ा, नगला नान, बैरमपुर, इस्माइलपुर, चिलसरा, सादिकपुर, रोशनाबाद, भटपुरा, कासिमपुर सानी, अमल्लैया समेत कुल 16 गांव शामिल हैं। इन गांवों और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि परियोजना के शुरू होने से सड़क, बिजली, पानी, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी तेजी से विकास होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।
निवेश का नया केंद्र बनेगा फर्रुखाबाद
तहसीलदार हर्षित सिंह ने बताया कि प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करेगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां यहां अपने उद्योग स्थापित कर सकती हैं। इससे न केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा बल्कि व्यापार, परिवहन, होटल, गोदाम और सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना फर्रुखाबाद की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ जिले को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की श्रेणी में खड़ा कर सकती है।
युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का नया द्वार
औद्योगिक कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के युवाओं को मिलने की संभावना है। उद्योगों की स्थापना के बाद तकनीकी, प्रशासनिक, उत्पादन और सेवा क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर भविष्य मिल सकेगा।
औद्योगिक कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही शमसाबाद और कायमगंज क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदें जाग उठी हैं। यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र प्रदेश के उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।
