फर्रुखाबाद/अमृतपुर/
जनपद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव पिथनापुर कोटियापुर में आयोजित नामकरण संस्कार का कार्यक्रम उस समय अफरा-तफरी और चीख-पुकार में बदल गया, जब खुशी के माहौल में की गई हर्ष फायरिंग एक बड़ी घटना का कारण बन गई। कार्यक्रम में भोजन कर रहे एक टेंट व्यवसायी के हाथ में गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद समारोह में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
जानकारी के अनुसार गांव पिथनापुर कोटियापुर निवासी 35 वर्षीय वीरेंद्र कुमार टेंट व्यवसाय का कार्य करते हैं। गांव के ही एक परिवार में दस दिन पूर्व पुत्र का जन्म हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में शुक्रवार देर रात नामकरण संस्कार का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में टेंट की व्यवस्था भी वीरेंद्र कुमार द्वारा ही की गई थी।
बताया गया है कि रात लगभग 11 बजे वीरेंद्र कार्यक्रम स्थल पर बैठकर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान समारोह में मौजूद एक युवक ने अवैध तमंचे से हर्ष फायरिंग कर दी। तमंचे से निकली गोली सीधे वीरेंद्र के हाथ में जा लगी। गोली लगते ही वह दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़े और उनके हाथ से तेज रक्तस्राव होने लगा।
घटना होते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग की आवाज सुनकर मौके पर मौजूद लोग सहम गए, जबकि परिजन और ग्रामीण घायल वीरेंद्र को तत्काल उपचार के लिए ले गए। सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।
घायल को पहले स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए शनिवार सुबह डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलने पर अमृतपुर थाना पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि फायरिंग करने वाला युवक घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह, जन्मोत्सव और अन्य समारोहों में हर्ष फायरिंग की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। इस तरह की लापरवाही कभी भी किसी की जान ले सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
हर्ष फायरिंग पर उठे सवाल
नामकरण संस्कार जैसे पारिवारिक और धार्मिक आयोजन में अवैध हथियार से फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि खुशी के नाम पर की जाने वाली हर्ष फायरिंग पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
