सोमवती अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
5 Min Read

फर्रुखाबाद।

सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सोमवार को फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध पांचाल घाट सहित विभिन्न गंगा तटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें गंगा स्नान के लिए घाटों पर दिखाई दीं। प्रशासन के अनुसार सुबह 11 बजे तक करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

रविवार देर रात से ही पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। ब्रह्ममुहूर्त में सुबह तीन बजे से गंगा स्नान का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो लगातार जारी रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद हवन-पूजन किया तथा अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। कई श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के नाम पर भगत और धार्मिक अनुष्ठान भी कराए।

पूरा गंगा तट “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष से गूंजता रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर लगे मेले का आनंद लिया। महिलाओं ने घरेलू उपयोग का सामान खरीदा, वहीं बच्चों ने खिलौनों और अन्य आकर्षक वस्तुओं का खूब लुत्फ उठाया। श्रद्धालु निजी वाहनों, बसों और टेंपो के माध्यम से बड़ी संख्या में घाटों पर पहुंचे। पांचाल घाट के अलावा गंगा के दूसरे किनारे स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं का स्नान जारी रहा।

सोमवती अमावस्या के अवसर पर केवल फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जनपदों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे। मैनपुरी, एटा, इटावा, औरैया, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी सहित मध्य प्रदेश के भिंड और ग्वालियर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। प्रत्येक घाट पर महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी तथा पुलिस और स्वयंसेवक लगातार लोगों को सतर्क कर रहे थे। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह अपनी टीम के साथ नाव के माध्यम से गंगा में गश्त करते रहे और लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने तथा गहरे पानी में न जाने की अपील करते रहे।

लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ से करीब 130 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पहुंचे श्रद्धालु अनिल ने बताया कि गंगा स्नान कर उन्हें अत्यंत संतोष मिला है। उन्होंने कहा कि घाट पर सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था सराहनीय है। वहीं मैनपुरी से आए दिनेश सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार और करीब 30 लोगों के साथ गंगा स्नान करने आए हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षा के लिए लगाए गए स्वयंसेवक और बैरिकेडिंग श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं।

नोएडा से आईं श्रद्धालु मोना ने बताया कि अधिमास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है, इसलिए वह गंगा स्नान के लिए यहां पहुंची हैं। हरदोई से आए संत वीरपाल सिंह ने कहा कि अधिमास में सोमवती अमावस्या के दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पितृ तर्पण का विशेष महत्व माना गया है। इससे व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है और पितरों की कृपा बनी रहती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और जल अर्पण करने का विशेष महत्व है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के लिए पीपल वृक्ष की पूजा एवं परिक्रमा करती हैं। साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान कर पुण्य अर्जित करती हैं।

सोमवती अमावस्या के इस पावन अवसर पर पांचाल घाट पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की गोद में स्नान कर आध्यात्मिक शांति और पुण्य लाभ प्राप्त किया।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *