हत्या के 5 दिन बाद पांच आरोपी फरार, पीड़ित परिवार पर समझौते का बनाया जा रहा दबाव, एडीजी आगरा से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार

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हत्या के 5 दिन बाद पांच आरोपी फरार, पीड़ित परिवार पर समझौते का बनाया जा रहा दबाव, एडीजी आगरा से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार

(संवाददाता योगेन्द्र प्रताप सिंह, जलेसर)

जलेसर (एटा)। एटा के जलेसर थाना क्षेत्र के ग्राम पुन्हैरा में 22 जून को हुए बहुचर्चित अमर सिंह हत्याकांड में पुलिस की कार्यवाही पर उठे गम्भीर सवाल, हत्या के मुकदमे में आठ नामजद आरोपियों में से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जबकि पांच आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इस बीच मृतक की पत्नी राजवती ने आरोप लगाया है, कि फरार आरोपी खुलेआम गांव में ही घूम रहे हैं, मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

राजवती ने अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) आगरा जोन को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है, कि यदि समय रहते पुलिस ने उनकी पहली शिकायत पर कार्यवाही की होती तो आज उनके पति जीवित होते। उन्होंने आरोप लगाया है, कि हत्या से एक दिन पहले आरोपियों ने उनके घर पर हमला किया, तोड़फोड़ और चोरी भी की गई थी, इसकी लिखित शिकायती पत्र थाना जलेसर को दिया गया था, लेकिन पुलिस ने कोई भी प्रभावी कार्यवाही नहीं की। अगले ही दिन उनके पति की पीट पीट कर हत्या कर दी गई।

परिवार का कहना है, कि हत्या के पाँच दिन बीत जाने के बाद भी फरार आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर घूम रहे हैं। गांव में खुलेआम घूमकर गवाहों और परिजनों को धमकाया जा रहा है। शिकायत में विशेष रूप से आरोप लगाया गया है, कि बलदेव पुत्र यादराम सहित अन्य लोग लगातार कह रहे हैं, कि मुकदमा वापस ले लो, नहीं तो अंजाम अमर सिंह जैसा कर दिया जाएगा।

इस मामले में पुलिस ने अब तक पुष्पेंद्र कुमार उर्फ पिंकी, प्रेमवीर और भरत सिंह को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।

पीड़ित परिवार ने एडीजी आगरा जोन से माँग है, कि सभी फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कराई जाए, धमकी देने वालों के विरुद्ध अलग मुकदमा दर्ज कराया जाय, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा घटना से पहले दी गई शिकायत पर कार्यवाही न करने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाए।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है, और पीड़ित परिवार न्याय के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगा रहा है।

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