कायमगंज/फर्रुखाबाद |
बीते दिनों हुई तेज बारिश और आंधी ने कायमगंज क्षेत्र के केला किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में तैयार खड़ी केले की फसल तेज हवाओं का झटका नहीं झेल सकी और बड़ी संख्या में केले के पेड़ गुच्छों समेत जमीन पर गिर गए। अचानक आई प्राकृतिक मार से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
कायमगंज क्षेत्र के अताईपुर जदीद, अताईपुर कोहना, भुड़िया और कटरा रहमत खां में बड़े पैमाने पर केले की खेती की जाती है। यहां की केले की फसल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ ही दूसरे राज्यों तक भेजी जाती है। लेकिन बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल बर्बाद होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान शाहनवाज खान ने बताया कि एक बीघा केले की फसल तैयार करने में करीब 40 से 45 हजार रुपये तक की लागत आती है। फसल तैयार होने के समय मौसम की मार पड़ने से किसानों की पूरी लागत डूबने का खतरा पैदा हो गया है। पेड़ गिरने के बाद खेतों में तैयार केले के गुच्छे जमीन पर पड़े हैं, जिससे उन्हें बाजार तक पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है।
5-6 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
किसानों के मुताबिक, तैयार फसल के गिरने और बाजार में मांग कमजोर होने से केले का भाव महज 5 से 6 रुपये प्रति किलो तक रह गया है। हालत यह है कि कई जगह व्यापारी खेतों तक पहुंचने में भी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में किसानों के सामने फसल बचाने के साथ लागत निकालने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
दूसरे राज्यों तक सप्लाई पर भी असर
कायमगंज क्षेत्र से आसपास के जनपदों के अलावा दूसरे राज्यों तक केले की सप्लाई होती है। लेकिन खेतों में बड़े पैमाने पर फसल गिरने से आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो नुकसान और बढ़ सकता है।
सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित केला किसानों ने प्रशासन से नुकसान का शीघ्र सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन ऐन वक्त पर मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों ने प्रशासन से जल्द राहत दिलाकर आर्थिक संकट से उबारने की गुहार लगाई है।

