कम्पिल/फर्रुखाबाद।
कस्बे में इन दिनों करीब 100 साल पुरानी रामलीला का धार्मिक उल्लास चरम पर है। एकादशी से शुरू हुए रामलीला महोत्सव के तहत रात भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजे और डीजे की धुनों के बीच निकली शिव बारात को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा कस्बा देर रात तक भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।
शिव बारात रात करीब आठ बजे रामलीला मैदान से शुरू हुई। रथनुमा आकर्षक झांकी पर भगवान शंकर विराजमान थे। बारात में भगवान गणेश और भगवान कृष्ण की मनमोहक झांकियां भी शामिल रहीं। बैंड-बाजे और धार्मिक धुनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
काली के अखाड़े ने खींची भीड़
शिव बारात में काली का अखाड़ा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई धार्मिक उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। बारात जहां से भी गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और भगवान शिव की आरती उतारी।
थाने से मुख्य बाजार और गंगा रोड तक गूंजे जयकारे
बारात रामलीला मैदान से निकलकर थाने, मुख्य बाजार और गंगा रोड होते हुए रामेश्वर नाथ मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने शिव बारात का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर पहुंचने के बाद धार्मिक कार्यक्रमों के बीच बारात वापस रामलीला मैदान के लिए रवाना हुई और करीब रात 12 बजे इसका समापन हुआ।
दिन में रामलीला, रात में बाहरी कलाकारों का जलवा
कम्पिल की ऐतिहासिक रामलीला में दिन के समय स्थानीय कलाकार विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर रहे हैं, जबकि रात में बाहर से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। रामलीला मैदान में देर रात तक दर्शकों की भीड़ बनी रही।
सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
शिव बारात में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे। वहीं रामलीला कमेटी की ओर से कार्यक्रम में विभिन्न लोगों को सम्मानित भी किया गया। देर रात तक कम्पिल का रामलीला मैदान और आसपास का क्षेत्र धार्मिक उत्सव और भक्ति के रंग में सराबोर रहा।

