बारिश के बाद नरही में पुराने जर्जर भवनों के गिरने की आशंका से स्थानीय निवासी भयभीत, शिकायत के बाद भी अधिकारी बेपरवाह
*नरही स्थित लाला हुलासी ट्रस्ट के भवनों को असुरक्षित घोषित कर ध्वस्त करने के लिए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग*
08 अक्टूबर/लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित मोहल्ला नरही, वार्ड हजरतगंज, रामतीर्थ में लाला हुलासी ट्रस्ट के स्वामित्व वाले वर्ष 1912 एवं उससे पूर्व निर्मित भवन संख्या 41/320, 559, 560,561,562, 563 तथा 633 वर्तमान में अत्यंत जर्जर एवं खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। इन भवनों के कारण आसपास रहने वाले लोगों, राहगीरों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भवनों का निर्माण लगभग 113 वर्ष से अधिक पूर्व ट्रस्ट एवं कार्यालयीय उपयोग के लिए कराया गया था। लंबे समय से उचित रखरखाव और मरम्मत के अभाव में भवनों की स्थिति लगातार खराब होती गई है। वर्तमान में भवनों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, छतों एवं बीमों में प्रयुक्त लकड़ी-सामग्री कमजोर हो चुकी है तथा प्लास्टर और निर्माण सामग्री लगातार झड़ रही है। भवनों की संरचनात्मक मजबूती भी अत्यंत कमजोर हो चुकी है।
बारिश में बढ़ा हादसे का खतरा
वर्तमान बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। तेज बारिश के कारण जर्जर भवनों के कई हिस्से गिर रहें है तथा किसी हिस्से के अचानक गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसी स्थिति में न केवल भवन में रहने वाले लोगों बल्कि आसपास के नागरिकों एवं राहगीरों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन जर्जर भवनों के आसपास कुछ लोग अनधिकृत रूप से निवास भी कर रहे हैं। इससे वहां रहने वाले परिवारों के साथ-साथ आसपास के नागरिकों के जीवन पर निरंतर खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों एवं प्रभावित परिवारों द्वारा लाला हुलासी ट्रस्ट की मुख्य ट्रस्टी श्रीमती शर्मा देवी से भी भवनों की जर्जर स्थिति के संबंध में शिकायत कर उनकी मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जनहित एवं जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य ट्रस्टी श्रीमती शर्मा देवी ने कई बार पत्र लिखकर प्रशासन से मांग की है कि—
जर्जर भवनों के आसपास रहने वाले लोगों को तत्काल नोटिस जारी कर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
सभी भवनों का तत्काल तकनीकी एवं संरचनात्मक निरीक्षण कराया जाए।
निरीक्षण के आधार पर असुरक्षित भवनों को ‘खतरनाक भवन’ घोषित किया जाए।
नगर निगम एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण के सक्षम अधिकारियों द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण (Demolition) का आदेश/अनुमति जारी की जाए।
किसी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए भवन परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा (Barricading) लगाया जाए तथा चेतावनी संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाए।
आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन एवं पुलिस बल की सहायता से जनसुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यदि भवनों की मरम्मत तकनीकी रूप से संभव हो तो विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत तत्काल कराई जाए।
“यह केवल संपत्ति का नहीं, जनजीवन की सुरक्षा का मामला”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मामला केवल लाला हुलासी ट्रस्ट की संपत्ति से संबंधित नहीं है, बल्कि सैकड़ों नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय है। यदि किसी अप्रिय घटना के पूर्व आवश्यक कार्रवाई कर ली जाए तो संभावित जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोका जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अत्यंत प्राथमिकता पर लिया जाए और जर्जर भवनों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले लोगों के जीवन की सुरक्षा की जा सके। परन्तु प्रशासन हाथ पे हाथ धरा बैठा है, किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। यदि लखनऊ प्रशासन समय रहते इन जर्जर मकानों को खाली कराकर ध्वस्तिकरण की कार्यवाही नहीं करता है तो कभी भी मकान अपने आप धाराशायी होकर सैकड़ो लोगों की जान कभी भी जा सकती है।

