आवास में अन्दर घुसकर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाने के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन न्यायिक कार्यों का किया बहिष्कार

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आवास में अन्दर घुसकर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाने के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन न्यायिक कार्यों का किया बहिष्कार

(संवाददाता योगेन्द्र प्रताप सिंह, जलेसर)

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जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में तहसील परिसर जलेसर में तहसील बार एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष नेत्रपाल बघेल एडवोकेट के साथ उनके गुदाऊ स्थित आवास में अन्दर घुसकर जानलेवा हमला करने वाले नामित अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किए जाने के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन द्वारा न्यायिक कार्यों से किया जा रहा बहिष्कार बुधवार को 14 वें दिन भी जारी रहा। बीते एक पखवाड़ा से अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यों से बहिष्कृत किए जाने से मिलने वाली तारीख पर तारीख से वादकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय बार एसोसिएशन के समर्थन में अलीगंज तहसील बार एसोसिएशन भी बीते तीन दिनों से हड़ताल पर है। बार एसोसिएशन एसएसपी – डीएम से लेकर केंद्रीय मंत्री तक गुहार लगा चुकी है लेकिन अभी तक न तो पूर्व बार अध्यक्ष के हमलावरों को जेल भेजा गया है, और न ही इस मामले में ला बरतने वालों के विरुद्ध कोई कार्यवाही।

समर्थन में आयी अलीगंज बार एसोसिएशन।

स्थानीय तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव एवं महासचिव द्विजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पूर्व बार अध्यक्ष नेत्रपाल बघेल पर हुए कातिलाना हमले के नामजद आरोपियों को कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार के जेल नहीं भेजे जाने के विरोध चल रहे न्यायिक कार्य बहिष्कार को समर्थन दिये जाने को गत शनिवार को एटा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन एवं अलीगंज बार एसोसिएशन को पत्र भेजे गए थे। जिसके फलस्वरूप गत सोमवार से अलीगंज तहसील बार एसोसिएशन द्वारा न्यायिक कार्यों से बहिष्कार कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन भी जल्द समर्थन देने वाली है।

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल भी आ सकती है समर्थन में।

तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव के अनुसार कोतवाली पुलिस के हमलावरों को संरक्षण देने वाले रवैये को लेकर स्थानीय बार द्वारा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश लखनऊ को एक पत्र भेज आंदोलन को धार देने के लिए समर्थन मांगा गया है। बार काउंसिल के चेयरमैन द्वारा आंदोलन को समर्थन दिये जाने की बाबत जल्द ही समूचे उत्तर प्रदेश में न्यायिक कार्यों से बहिष्कार किए जाने की बाबत पत्र जारी के दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।

एसएसपी-डीएम व केन्द्रीय मंत्री से लगाई गुहार, रही बेकार।

तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महासचिव ने बताया कि पूर्व बार अध्यक्ष के हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बाबत अब तक पुलिस उपाधीक्षक जलेसर, एसडीएम जलेसर, एएसपी एटा, एसएसपी एटा,डीएम एटा, विधायक जलेसर तथा स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल को भी अधिवक्ताओं द्वारा शिकायती पत्र सौंपे जा चुके हैं। लेकिन घटना के लगभग बीस दिन बाद भी कोतवाली पुलिस द्वारा नामजद हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया है। जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।

क्या है मामला —

तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष एवं सचिव ने बताया कि गत 19 सितम्बर 2026 को शाम पौने सात अपने गांव गुदाऊ स्थित आवास पर थे। नामजद आरोपियों द्वारा पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष नेत्रपाल बघेल एवं उनके भाई आदि परिजनों को गम्भीर रूप से घायल कर दिया गया था। सूचना मिलने पर तहसील बार के पदाधिकारी उठाकर लाये और थाना जलेसर में तहरीर दी गई थी। लेकिन थाना प्रभारी जलेसर द्वारा न तो तहरीर पर अपराध पंजीकृत किया गया और न ही इलाज के लिए मजरूआ चिट्टी दी गई गई थी। अगले दिन 20 सितम्बर 2026 को तहसील बार एसोसियेशन के अधिवक्ताओं द्वारा क्षेत्राधिकारी पुलिस से मुलाकात की गई। क्षेत्राधिकारी पुलिस के हस्तक्षेप पर नामजद अभियुक्त जितेन्द्र पाल सिंह पुत्र अभिमन्यु व दुष्यन्त पुत्र योगेश पाल सिंह व विकास पुत्र विजय सिंह यश कुमार पुत्र धर्मेन्द्र सिंह निवासीगण गुदाऊ पाना जलेसर व कुछ अज्ञात के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। उन्होंने कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाया है, कि मुकद्दमा में धारा 109 (1) गिरफ्तारी एवं नान-वेलेविल है। फिर भी थाना पुलिस जलेसर द्वारा राजनैतिक दवाब के कारण कोई कार्यवाही इस प्रकरण में नहीं की गई है।

पीड़ित अधिवक्ता को मिल रही हैं धमकियां।

अधिवक्ताओं का आरोप है, कि चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार नेत्रपाल सिंह के गम्भीर चोटे है। जिससे धारा 109 (1) बनती है। लेकिन इलाका पुलिस इस धारा को हटाकर धारा 110 भारतीय न्याय संहिता में संशोधित करने पर तुली हुई है। अभियुक्त खुले आम घूम रहे है। तथा ऐलानियां बार एसोसियेशन के पदाधिकारियों एवं नेत्रपाल सिंह एडवोकेट के सगे भाई राजाराम बघेल व उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी खुले आम दे रहे है।

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