फर्रुखाबाद।
न्यायालय कर्मी अमित मिश्रा की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 27 सितंबर को हमला होने के बाद कार्रवाई न किए जाने के आरोपों और इसके बाद हुई अमित मिश्रा की मौत ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी आरती सिंह ने राजेपुर थाने के दरोगा आशुतोष यादव को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही राजेपुर और अमृतपुर थानों के थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी में भी फेरबदल किया गया है।
सलेमपुर निवासी न्यायालय कर्मी अमित मिश्रा 27 सितंबर को ड्यूटी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान भरखा गांव के पास बाइक सवार युवकों ने उन पर हमला कर दिया। अमित किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
परिजनों का आरोप है कि हमले के बाद अमित को लगातार जान का खतरा बना हुआ था। कार्रवाई की उम्मीद में वह कई बार राजेपुर थाने के दरोगा आशुतोष यादव से मिले, लेकिन आरोप है कि समय रहते मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच मंगलवार को अमित मिश्रा की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और न्यायालय कर्मचारियों में भी आक्रोश फैल गया।
अमित की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे। परिजनों और न्यायालय कर्मचारियों ने थाने के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध किया। न्यायालय कर्मचारियों ने धरना देकर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। काफी देर तक चले विरोध के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। शाम अमित के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मामले में शाम एसपी आरती सिंह ने कार्रवाई करते हुए राजेपुर थाने के दरोगा आशुतोष यादव को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही थानों की कमान भी बदल दी गई। राजेपुर के थानाध्यक्ष राजीव पांडेय को अमृतपुर थाने का प्रभारी बनाया गया है, जबकि अमृतपुर के थानाध्यक्ष दर्शन सिंह को राजेपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
27 सितंबर की घटना से मौत तक उठे सवाल
अमित मिश्रा पर 27 सितंबर को हमला हुआ था। इसके बाद उनकी ओर से पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई थी। अब उनकी मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि हमले की शिकायत के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की और मामले में लापरवाही के आरोपों की वास्तविकता क्या है। पुलिस प्रशासन द्वारा दरोगा को निलंबित किए जाने के बाद मामले की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
अमित मिश्रा की मौत के बाद उठे सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

