फर्रुखाबाद न्यूज़:- खेत के रास्ते के विवाद ने ली किसान की जान! लेखपाल पर 70 हजार रुपये रिश्वत मांगने, धमकाने और अभद्रता के गंभीर आरोप, जांच शुरू |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज/फर्रुखाबाद |

कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के बराबिकू गांव में खेत के रास्ते को लेकर चल रहा विवाद उस समय तूल पकड़ गया जब एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने राजस्व विभाग के एक लेखपाल पर 70 हजार रुपये रिश्वत मांगने, धमकाने, अभद्र व्यवहार करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। अब प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश देते हुए दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

जानकारी के अनुसार, कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव बराबिकू निवासी लगभग 50 वर्षीय किसान वृजनंदन लाल का खेत के रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक की पत्नी गीता देवी का आरोप है कि रविवार सुबह क्षेत्रीय लेखपाल अपने एक सहयोगी के साथ गांव पहुंचीं। उन्होंने खेत से रास्ता निकालने के नाम पर 70 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने पर जबरन रास्ता निकालने की धमकी दी गई, अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया।

परिजनों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से वृजनंदन लाल गहरे सदमे में आ गए। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी।

मृतक अपने पीछे पत्नी गीता देवी, दो पुत्र आर्यन और युग, तथा दो पुत्रियां कशिश और प्रतीक्षा को छोड़ गए हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है।

उधर, पूरे मामले पर एसडीएम अभिषेक वर्मा का कहना है कि संबंधित लेखपाल गांव में एक भैंस की मौत की जांच के सिलसिले में गई थीं। निरीक्षण के दौरान उन्हें वहां अवैध निर्माण की जानकारी मिली थी, जिसे रुकवाते हुए पहले पैमाइश कराने के निर्देश दिए गए ताकि सरकारी चकरोड सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि लेखपाल पर लगाए गए सभी आरोप बेहद गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि किसान की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिजन रिश्वतखोरी और उत्पीड़न का आरोप लगाकर न्याय की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कह रहा है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई हैं।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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