फर्रुखाबाद/
महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने फर्रुखाबाद जनपद का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के गुर सिखाए, नवजात बेटियों के जन्म पर कन्या जन्मोत्सव मनाकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया, कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा और वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों का हालचाल जाना।

फतेहगढ़ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित संवाद कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए चारू चौधरी ने कहा कि आज का दौर डिजिटल युग का है, इसलिए सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, किसी भी अनजान व्यक्ति से निजी जानकारी साझा न करने तथा ऑनलाइन ठगी और साइबर उत्पीड़न से बचाव के उपाय बताए।

उन्होंने कहा कि “आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता निश्चित है। बेटियों के लिए अब कोई मंजिल असंभव नहीं है।” कार्यक्रम में छात्राओं ने भी खुलकर अपने विचार रखे और विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उपाध्यक्ष ने सरल भाषा में उत्तर दिया।
इसके बाद चौधरी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय के महिला विंग में नवजात बेटियों के सम्मान में कन्या जन्मोत्सव मनाया। केक काटकर नवजात शिशुओं का स्वागत किया गया तथा लगभग 20 नवजात बेटियों को हिमालया बेबी किट, खिलौने, मिठाई और तुलसी का पौधा भेंट कर परिवारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नहीं है और समाज को बेटियों के प्रति अपनी सोच सकारात्मक बनानी होगी।
दौरे के अगले चरण में उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कमालगंज का निरीक्षण किया। यहां छात्राओं की ड्रेस, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। छात्राओं से बातचीत कर उन्होंने उन्हें आत्मनिर्भर बनने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष वृद्धाश्रम भी पहुंचीं, जहां उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को बुजुर्गों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “आश्रम में रहने वाले बुजुर्ग हमारे माता-पिता के समान हैं। उनकी सेवा और सम्मान में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।”
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र, डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नेहा मिश्रा, संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट कुमुदिनी रमन, सीएमएस महिला अस्पताल, जेंडर स्पेशलिस्ट निर्मला देवी, रुचि सिंह (दत्तक ग्रहण इकाई), रीतम शाक्य (अकाउंट असिस्टेंट) सहित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिकाएं एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
