कायमगंज/ फर्रुखाबाद |
कायमगंज में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एसआईबी इटावा जीएसटी विभाग की टीम ने ट्रांसपोर्ट चौराहा स्थित एक तंबाकू कारोबारी की फर्म पर छापेमारी कर दी। ज्वाइंट कमिश्नर संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने फर्म के गोदाम का गेट बंद कर करीब तीन घंटे तक गहन जांच-पड़ताल की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य तंबाकू कारोबारियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया गया कि एसआईबी इटावा की टीम में डीसी शैलेन्द्र सिंह, एसी जितेंद्र कुमार, एसडीओ सुशील कुमार, वीरी सिंह, फर्रुखाबाद के एससी मोबाइल अमित त्यागी और एसटीओ प्रीती तिवारी समेत कई अधिकारी शामिल थे। टीम करीब 11 बजे तीन गाड़ियों से मौके पर पहुंची और सीधे फर्म के गोदाम में प्रवेश कर स्टॉक व अभिलेखों की जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने फर्म के रिकॉर्ड, स्टॉक और माल की मिलान प्रक्रिया की। शुरुआती जांच में गोदाम का स्टॉक और दस्तावेज सही पाए गए तथा मौके पर कोई बड़ा अंतर नहीं मिला। हालांकि विभाग अब फर्म के उत्पादन और पैकेजिंग सामग्री की खरीद की गहराई से जांच करेगा।
ज्वाइंट कमिश्नर संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई लखनऊ में हाल ही में पकड़ी गई एक संदिग्ध गाड़ी के आधार पर की गई है। उस गाड़ी में ऊपर की तरफ डिटर्जेंट पाउडर लोड था, जबकि नीचे बिना बिल की “भगत छाप” तंबाकू छिपाकर ले जाई जा रही थी। जांच में तंबाकू से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके थे, जिसके बाद वहां 8 लाख रुपये की पेनाल्टी जमा कराई गई थी।
विभाग का कहना है कि पकड़े गए माल पर इसी फर्म का नाम और पता दर्ज था, लेकिन फर्म संचालकों ने उस माल पर अपनी ओनरशिप स्वीकार करने से इनकार किया है। उनका दावा है कि कोई अन्य व्यक्ति उनके नाम और ब्रांड का दुरुपयोग कर फर्जी कारोबार कर रहा है। हालांकि विभाग इस दावे को संदेह की नजर से देख रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह भी संभावना है कि फर्म ने सीधे तौर पर जुर्माना जमा न कराकर ड्राइवर या किसी अन्य माध्यम से पेनाल्टी भरवाई हो। फिलहाल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और जल्द ही फर्म को नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अंतिम निर्णय जांच और सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा।
