फर्रुखाबाद में एम्बुलेंस सेवाओं को मिलेगी रफ्तार, दो नए हॉटस्पॉट चिह्नित; रिस्पॉन्स टाइम सुधारने पर जोर |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

सड़क हादसा हो या अचानक बिगड़ती तबीयत, आपातकालीन स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए एम्बुलेंस का समय पर पहुंचना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनपद में 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाने और जरूरतमंद मरीजों तक जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एम्बुलेंस की उपलब्धता, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, वाहनों के रखरखाव और जीवनरक्षक उपकरणों की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जिले में दो नए एम्बुलेंस हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए, जिससे आपातकालीन कॉल मिलने पर एम्बुलेंस को कम समय में घटनास्थल तक पहुंचाया जा सके।

दो नए ठिकानों से बढ़ेगी एम्बुलेंस की पहुंच

एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान जमापुर चौराहा एवं पुलिस चौकी सराह को नए हॉटस्पॉट स्थलों के रूप में चिह्नित किया गया। इन स्थानों पर एम्बुलेंस की तैनाती की व्यवस्था से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि जरूरत के अनुसार हॉटस्पॉट निर्धारित करने से एम्बुलेंस की अनावश्यक दूरी कम होगी और मरीजों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने में लगने वाला समय भी घटाया जा सकेगा।

बैठक में पूर्व निर्धारित हॉटस्पॉट स्थलों की भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। अधिक कॉल प्राप्त होने वाले क्षेत्रों का विश्लेषण कर यह देखा जाएगा कि किन स्थानों पर एम्बुलेंस की तैनाती अधिक जरूरी है। आवश्यकता के अनुसार हॉटस्पॉट में बदलाव कर सेवा को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

ईएमटी-पायलट की ड्यूटी पर रहेगी पैनी नजर

समीक्षा बैठक में एम्बुलेंस में तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) एवं पायलट की कार्यप्रणाली को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। कर्मचारियों की दैनिक गतिविधियों, उपस्थिति और ड्यूटी व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। सभी कर्मचारियों को निर्धारित यूनिफॉर्म में रहने तथा संबंधित बैठकों में नियमित रूप से प्रतिभाग करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस सेवा में तैनात कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। आपातकालीन कॉल मिलने के बाद किसी भी स्तर पर देरी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।

एम्बुलेंस में दवा और उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य

मरीज को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ एम्बुलेंस के भीतर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे देखते हुए सभी एम्बुलेंस वाहनों का समय-समय पर नियमित मेंटेनेंस कराने के निर्देश दिए गए। वाहनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में कहा गया कि एम्बुलेंस में मौजूद जीवनरक्षक उपकरणों की नियमित जांच की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में उनका इस्तेमाल करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। वाहन की तकनीकी स्थिति और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता दुरुस्त रहने से मरीज को समय पर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।

अधिक कॉल वाले क्षेत्रों की होगी समीक्षा

एम्बुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम में सुधार के लिए अधिक कॉल प्राप्त होने वाले क्षेत्रों का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। इन क्षेत्रों में एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया (क्विक रिस्पॉन्स) पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में RTNM को रोकने तथा एम्बुलेंस की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष समीक्षा करने पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सेवा में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अतिरिक्त ईएमटी एवं ईएमई द्वारा पीएम कार्यालय में संबंधित बिंदुओं की समीक्षा किए जाने के निर्देश भी दिए गए।

नियमित समीक्षा से सुधरेगी आपातकालीन व्यवस्था

सीएमओ की अध्यक्षता में हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना और मरीजों को समय से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना रहा। हॉटस्पॉट की नियमित समीक्षा, कर्मचारियों की जवाबदेही, वाहनों का रखरखाव और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कर आपातकालीन सेवाओं को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, सहायक शोध अधिकारी विकास कुमार, फार्मासिस्ट आशीष कुमार शुक्ला, कार्यक्रम प्रबंधक 108/102 सचिन राज एवं जिला प्रभारी 108/102 कौशल किशोर उपस्थित रहे।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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