फर्रुखाबाद/
देश की एकता और अखंडता के सूत्रधार, भारत रत्न एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती जनपद में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। पूरा कार्यक्रम राष्ट्र की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे के संदेश से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह ने की। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट सुश्री पारुल तरार सहित कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, राष्ट्र के प्रति समर्पण और देश के निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया।
रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर बनाया अखंड भारत
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन देशसेवा, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है। आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न देशी रियासतों का एकीकरण था। सरदार पटेल ने अपनी असाधारण राजनीतिक सूझबूझ, दूरदर्शिता और मजबूत संकल्प के बल पर अनेक रियासतों को एकजुट कर भारत की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका यह ऐतिहासिक योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज भी उनके विचार देश की एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रासंगिक हैं। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे तथा समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए।
एकता की शपथ लेकर राष्ट्र के प्रति दोहराई जिम्मेदारी
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय एकता की सामूहिक शपथ रही। अपर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने की शपथ दिलाई। सभी ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्र की एकता को बनाए रखने, आपसी मतभेदों को दूर करने और देशवासियों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे।
नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार समेत उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शपथ में सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
देश की मजबूती का आधार है आपसी एकता
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि मजबूत इच्छाशक्ति, संगठन और सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का उद्देश्य केवल महापुरुषों को याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाना भी है।
