फर्रुखाबाद |
लोहिया अस्पताल में सुबह बिजली गुल होने से करीब चार घंटे तक अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। सुबह ड्यूटी पर पहुंचे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने के लिए काफी परेशान होना पड़ा। इमरजेंसी में लगी बायोमेट्रिक मशीन बिजली न होने के कारण बंद हो गई, जिसके बाद कर्मचारियों को मशीन को हटाकर पर्चा काउंटर पर ले जाना पड़ा। वहां मशीन लगने के बाद कर्मचारियों ने किसी तरह अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
बताया गया कि सुबह करीब आठ बजे बड़ी संख्या में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने पहुंचे थे। लेकिन इमरजेंसी में लगी मशीन बिजली गुल होने के कारण काम नहीं कर रही थी। अटेंडेंस अनिवार्य होने के चलते कर्मचारियों ने मशीन को इमरजेंसी से हटाकर पर्चा काउंटर पर शिफ्ट किया। इसके बाद वहां कर्मचारियों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।
डीएम के निर्देश के बाद अनिवार्य हुई है बायोमेट्रिक हाजिरी
लोहिया अस्पताल में डीएम के निर्देश के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की गई है। अस्पताल में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए दो मशीनें लगाई गई हैं। इनमें एक मशीन सीएमएस के कमरे में और दूसरी इमरजेंसी वार्ड में स्थापित है।
करीब 250 डॉक्टर-कर्मचारियों की रोजाना लगती है हाजिरी
अस्पताल में करीब 250 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी कार्यरत बताए जा रहे हैं। सभी को प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है। सुबह के समय अटेंडेंस लगाने वालों की संख्या अधिक रहती है। बताया जाता है कि दोपहर की शिफ्ट में आने वाले कई कर्मचारी भी सुबह ही अटेंडेंस लगाकर चले जाते हैं, जिसके चलते मशीनों पर भीड़ बढ़ जाती है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से इमरजेंसी की मशीन बंद पड़ी रही। ऐसे में कर्मचारियों को मशीन ही दूसरी जगह ले जाकर अटेंडेंस की व्यवस्था करनी पड़ी। पर्चा काउंटर पर मशीन पहुंचने के बाद कर्मचारियों की भीड़ और बढ़ गई।
बिजली बहाल होने के बाद मिली राहत
अस्पताल में सुबह करीब आठ बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। करीब चार घंटे तक चले बिजली संकट के दौरान बायोमेट्रिक अटेंडेंस को लेकर कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए।

