विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करें अधिकारी: जिलाधिकारी
डेंगू, चिकनगुनिया एवं वर्षाजनित रोगों की रोकथाम के लिए जन जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
जिला स्वास्थ्य समिति बैठक में संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, पोषण एवं क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की भी हुई विस्तृत समीक्षा
एटा । जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान/दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचालित होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने माइक्रो प्लान के अनुसार टीम भावना के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सौंपे गए दायित्वों का प्रत्येक विभाग द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया जाए। अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए इसकी सप्ताह में दो बार समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने, पशुपालकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा डेंगू, चिकनगुनिया एवं अन्य वर्षाजनित रोगों से बचाव के उपायों के संबंध में आमजन को व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय से उपचार कराने के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे मौसम में होने वाली बीमारियों से लोगों का प्रभावी बचाव सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा एवं एएनएम सहित अभियान से जुड़े सभी कार्मिक अपने निर्धारित दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं ट्रैकिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका प्रसव संस्थागत रूप से ही हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में अप्रशिक्षित व्यक्तियों अथवा असुरक्षित साधनों से प्रसव कराकर गर्भवती महिला एवं नवजात के जीवन को जोखिम में न डाला जाए।
उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की फीडिंग समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। आशा बहुओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों को समय से चश्मा उपलब्ध कराने की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए टीबी मरीजों की जांच, चिन्हांकन एवं उपचार की प्रक्रिया समय से पूर्ण कराने तथा मरीजों द्वारा नियमित रूप से दवाओं का सेवन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा टीबी मरीजों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, जिससे उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित टीकाकरण लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहि,यूनिसेफ के प्रतिनिधि सभी कार्यक्रमों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट प्रेषित करें,साथ ही प्रत्येक ब्लॉक से प्रतिमाह दो-दो बच्चों को राष्ट्रीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए, ताकि कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया जा सके।
जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन में परिवार नियोजन को लेकर व्याप्त भ्रांतियों एवं गलत धारणाओं को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी उपायों की जानकारी देते हुए अपनी आवश्यकता एवं परिस्थिति के अनुसार सुरक्षित उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ मानव जीवन के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित लक्ष्य एवं समय-सीमा के अनुसार कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एसीएमओ डॉ. राममोहन तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

