राजेपुर/फर्रुखाबाद।
बाढ़ के पानी के बीच फर्रुखाबाद में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों को भी चौंका दिया। नाव से घर लौट रहे एक युवक को बाढ़ के पानी में मौजूद सांप ने डस लिया। दोस्त ने घबराने के बजाय उसी सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर लिया और घायल युवक के साथ उसे भी अस्पताल लेकर पहुंच गया। इमरजेंसी में जिंदा सांप को देखकर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए।

मामला राजेपुर थाना क्षेत्र के तीसराम की मड़ैया गांव का है। बताया गया कि करीब 22 वर्षीय प्रदीप शनिवार देर शाम अपने दोस्त अनुज के साथ नाव से घर लौट रहा था। गांव में गंगा का बाढ़ का पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य सहारा नाव ही बनी हुई है। दोनों जब नाव से उतरकर गांव की ओर जाने लगे, तभी बाढ़ के पानी में मौजूद सांप ने प्रदीप के पैर में डस लिया।

सांप के डसने के बाद प्रदीप की हालत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद उसके दोस्त अनुज ने हिम्मत दिखाते हुए सांप को पकड़ लिया। ग्रामीणों की मदद से सांप को एक डिब्बे में बंद किया गया। इसके बाद प्रदीप को उपचार के लिए जिला अस्पताल लोहिया ले जाया गया। खास बात यह रही कि उसके साथ वह जिंदा सांप भी डिब्बे में बंद करके अस्पताल पहुंचा दिया गया।
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में जब चिकित्सकों ने घायल युवक के साथ डिब्बे में बंद जिंदा सांप देखा तो वे भी हैरान रह गए। हालांकि चिकित्सकों ने तत्काल युवक का उपचार शुरू किया और सांप के डसने की गंभीरता को देखते हुए एंटी-स्नेक वेनम दिया गया।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक अभय श्रीवास्तव के अनुसार प्रदीप को 10 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाए गए हैं। उपचार के बाद उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उसे अस्पताल में भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी के साथ सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु निकलने से ग्रामीणों में पहले से ही दहशत का माहौल है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। चिकित्सकों ने भी सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।

