फर्रुखाबाद/
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और नरौरा बैराज से छोड़े जा रहे भारी मात्रा में पानी ने फर्रुखाबाद में गंगा नदी को उफान पर ला दिया है। हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है और अब खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। नदी का बढ़ता पानी गांवों, स्वास्थ्य केंद्रों और कारोबार तक पहुंच चुका है, जिससे प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो जल्द ही खतरे का निशान भी पार हो सकता है।
सबसे गंभीर स्थिति राजेपुर क्षेत्र के सबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिली, जहां करीब ढाई फीट पानी भर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। हालात ऐसे बने कि अस्पताल की दवाइयों, जरूरी उपकरणों और मशीनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बैलगाड़ी का सहारा लेना पड़ा। यह दृश्य प्रशासन की चुनौतियों और बाढ़ की भयावहता दोनों को बयां करता है।

बाढ़ का पानी अमृतपुर और शमसाबाद ब्लॉक के लगभग 12 गांवों में प्रवेश कर चुका है। खेत, रास्ते और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। ग्रामीणों के सामने आवागमन, पशुओं के चारे और दैनिक जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
पांचालघाट क्षेत्र में भी बाढ़ का असर साफ दिखाई देने लगा है। उत्तरी बंधे के पास कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए लगाई गई अस्थायी दुकानों में पानी भर जाने से बाहर से आए दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई दुकानदार अपना सामान बचाने में जुटे हैं।
राजेपुर क्षेत्र के तीस राम की मड़ैया गांव में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों का आवागमन पूरी तरह निजी नावों के भरोसे हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजमर्रा के कामों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए नरौरा बैराज से लगभग 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके साथ ही रामगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ और विकराल रूप ले सकती है।
प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाएं, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
फिलहाल फर्रुखाबाद में गंगा का बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है। यदि बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले 24 से 48 घंटे जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
