फर्रुखाबाद |
मां गंगा की स्वच्छता और निर्मलता को बनाए रखने के उद्देश्य से जिला गंगा समिति के तत्वावधान में रविवार सायंकाल पांचाल घाट पर साप्ताहिक गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवी संगठनों और गंगा योद्धाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गंगा तट की सफाई की तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान गंगा तट पर फैली गंदगी को साफ करते हुए स्वयंसेवकों ने बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलिथीन, पुराने कपड़े, कांच के टुकड़े तथा खंडित मूर्तियों सहित विभिन्न प्रकार का अपशिष्ट एकत्र किया। करीब दो कुंतल (200 किलोग्राम) कचरा हटाकर उसका उचित निस्तारण कराया गया। इस दौरान घाट क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को स्वच्छता का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि कई लोग अनजाने में पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट गंगा तट पर छोड़ देते हैं, जिससे गंगा का जल प्रदूषित होता है। उन्होंने बताया कि सफाई के दौरान बड़ी संख्या में कांच के टुकड़े भी मिलते हैं, जो घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा तट को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार का कचरा नदी या घाट पर न फेंकें।
नमामि गंगे के प्रशिक्षक रोहित दीक्षित ने कहा कि जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति अपने घर को साफ रखता है, उसी प्रकार गंगा तटों की स्वच्छता के प्रति भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है, इसलिए इसकी स्वच्छता हम सभी का नैतिक दायित्व है।
योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने कहा कि यदि लगातार गंगा में कचरा और अपशिष्ट सामग्री डाली जाती रही तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण और नदी स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान घाट पर मौजूद नाविकों, पंडा-पुजारियों और स्थानीय दुकानदारों को भी स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई तथा उनसे गंगा संरक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।
इस पुनीत अभियान में गंगा योद्धा दीक्षा, पल्लवी, विवेक, अश्मित सहित अनेक युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने श्रमदान कर गंगा स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
